पाकिस्तान के पेशावर में बड़ा हादसा: स्कूल की छत गिरने से 20 बच्चों और महिला शिक्षिका समेत 21 की दर्दनाक मौत
पाकिस्तान के पेशावर में बड़ा हादसा: स्कूल की छत गिरने से 20 बच्चों और महिला शिक्षिका समेत 21 की दर्दनाक मौत
पेशावर:
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। पेशावर के अफरीदी आबाद इलाके में गुरुवार (15 अक्टूबर 2026) को एक प्राथमिक स्कूल की छत अचानक गिर जाने से 21 लोगों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में 20 मासूम बच्चे (18 लड़के और 2 लड़कियां) तथा एक महिला शिक्षिका शामिल हैं। इस भीषण हादसे में कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
अस्पताल में इमरजेंसी घोषित, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने हादसे में हुई मौतों की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल में तुरंत आपातकाल (Emergency) की घोषणा कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र 7 से 12 साल (13 वर्ष से कम) के बीच थी।
हादसे के फौरन बाद रेस्क्यू 1122 की टीम, एंबुलेंस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे बच्चों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने कई गंभीर रूप से घायल बच्चों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत कार्य जारी है।
पाकिस्तान में कमजोर निर्माण मानक और हादसों का सिलसिला
पाकिस्तान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और घटिया निर्माण सामग्री के चलते छतें और इमारतें गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं:
जून 2026: लाहौर के काहना इलाके में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी।
अप्रैल 2026: पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान में एक निजी स्कूल की छत गिरने से 4 बच्चों की जान गई थी और 20 घायल हुए थे।
अगस्त 2026: भारी बारिश के कारण इस्लामाबाद में एक मकान की छत गिरने से दंपति की मौत हो गई थी।
पेशावर में हुए इस ताजा और हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर पाकिस्तान में सरकारी व निजी भवनों की निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

