होर्मुज स्ट्रेट में तनाव चरम पर: सिंगापुर के दो कंटेनर जहाजों पर हमला, एक जहाज डूबा और दूसरा क्षतिग्रस्त
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव चरम पर: सिंगापुर के दो कंटेनर जहाजों पर हमला, एक जहाज डूबा और दूसरा क्षतिग्रस्त
वाशिंगटन/तेहरान/सिंगापुर:
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर में पंजीकृत दो कंटेनर जहाजों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल (क्षेपस्र) से हमले की खबर सामने आई है। इस सिलसिलेवार हमले में एक जहाज डूब गया है, जबकि दूसरे को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
जहाजों पर हमलों की मुख्य घटनाएं:
जीएफएस प्राइड (GFS Pride): सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण (MPA) के अनुसार, 50,000 टन वजन वाला यह कंटेनर जहाज जलडमरूमध्य में प्रवेश करते समय हमले की चपेट में आ गया। जहाज में भीषण आग लगने के बाद वह डूब गया। गनीमत यह रही कि जहाज पर सवार सभी 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
जीएफएस गिजेल (GFS Gizel): दूसरी घटना में, 19,000 टन का यह कंटेनर जहाज जलमार्ग से बाहर निकलते समय एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आ गया। इसके बाहरी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, लेकिन चालक दल के 22 सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज अपने इंजन के सहारे किसी तरह सुरक्षित लंगरगाह (Anchorage) तक पहुंचने में सफल रहा।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि दोनों जहाजों पर कोई भी सिंगापुर का नागरिक सवार नहीं था। एमपीए ने वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे इन हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
आईआरजीसी (IRGC) का दावा: बारूदी सुरंग से टकराया जहाज
दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब कोई मालवाहक जहाज समुद्री बारूदी सुरंग (Sea Mine) से टकराकर डूबा है।
सेपाह न्यूज पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक प्रतिबंधित और खतरनाक मार्ग से गुजरने के दौरान जहाज बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया, जिससे उसमें विस्फोट और आग लग गई।
इस जहाज पर 2,500 से अधिक कंटेनर लदे हुए थे। ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में आवाजाही कर रही अन्य नौकाओं और जहाजों को पानी में तैरते कंटेनरों से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
ईरान की कड़ी चेतावनी और यूकेएमटीओ की रिपोर्ट
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर प्रोजेक्टाइल हमलों की पुष्टि की है। इससे पहले, आईआरजीसी नौसेना के कमांडर अली अजमाई ने चेतावनी दी थी कि फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कड़ा नियंत्रण है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई वाणिज्यिक जहाज उसकी ओर से तय किए गए नियमों और रास्तों का उल्लंघन करेगा, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद से ही इस सामरिक जलमार्ग पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल व्यापार और सुरक्षा पर पड़ रहा है।

