महंगाई की मार: उत्तराखंड और देश में सितंबर 2026 की खुदरा महंगाई दर पर एक नजर
महंगाई की मार: उत्तराखंड और देश में सितंबर 2026 की खुदरा महंगाई दर पर एक नजर
देहरादून/नई दिल्ली:
त्योहारों का मौसम शुरू होते ही आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ और अधिक भारी पड़ने लगा है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी अगस्त और सितंबर 2026 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के साथ-साथ उत्तराखंड में भी महंगाई की रफ्तार में तेजी आई है। रसोई के बजट से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक, आम जनता को महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर महंगाई के आंकड़े
राष्ट्रीय स्तर: देश की खुदरा महंगाई दर अगस्त 2026 के 4.82% से बढ़कर सितंबर 2026 में 5.54% पर पहुंच गई है। इस दौरान खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) में सबसे बड़ा उछाल देखा गया, जो अगस्त के 5.95% से बढ़कर सितंबर में 7.74% हो गई।
उत्तराखंड में स्थिति: देवभूमि में अगस्त 2026 में कुल महंगाई दर 4.65% थी (ग्रामीण: 5.09%, शहरी: 3.88%), जो सितंबर में बढ़कर 5.47% (ग्रामीण: 5.95%, शहरी: 4.63%) हो गई। एक ही महीने में राज्य की कुल महंगाई में 0.82% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेष रूप से, उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में महंगाई शहरी क्षेत्रों की तुलना में तेजी से बढ़ रही है, जहां पहाड़ों और गांवों तक सामान पहुंचाने की रसद लागत का असर साफ दिखाई दे रहा है।
देशभर में उत्तराखंड की स्थिति और अन्य राज्य
संयुक्त सीपीआई के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में उत्तराखंड अगस्त के 21वें स्थान से खिसककर सितंबर में 19वें स्थान पर आ गया है। सितंबर में देश में सबसे अधिक महंगाई दर वाले राज्यों में तमिलनाडु (6.81%), ओड़िशा (6.70%), मध्य प्रदेश (6.68%), तेलंगाना (6.64%) और आंध्र प्रदेश (6.29%) शीर्ष पर रहे, जबकि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में यह 6.08% दर्ज की गई। हालांकि उत्तराखंड में राष्ट्रीय औसत (5.54%) के मुकाबले महंगाई दर मामूली रूप से कम है, लेकिन इस तेज छलांग ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
रसोई का बजट और जरूरी चीजों के दाम
सितंबर के दौरान रसोई की कई मुख्य चीजों की कीमतों में भारी फेरबदल देखने को मिला है:
प्याज: अखिल भारतीय स्तर पर प्याज की महंगाई दर अगस्त के 48.27% से उछलकर सितंबर में 108.09% पर पहुंच गई, यानी इसके दाम पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हो गए हैं।
अन्य वस्तुएं: लहसुन (54.62%), अदरक (62.85%), नींबू (36.41%) और चांदी के आभूषणों (87.80%) की कीमतों में भी तेज तेजी दर्ज की गई।
राहत भरी खबर: टमाटर (-8.62%) और आलू (-11.50%) की दरों में पिछले साल की तुलना में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।
पहाड़ी भूगोल वाले उत्तराखंड में ट्रांसपोर्ट और ईंधन के खर्च बढ़ने से राशन और रोजमर्रा के सामान महंगे हो जाते हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन के बीच महंगाई दर का बढ़ना आम जनजीवन के वित्तीय समीकरण को प्रभावित कर रहा है।

