उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने पीएम मोदी के कार्यकाल के 25 वर्ष पूरे होने पर पारित किया धन्यवाद प्रस्ताव
उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने पीएम मोदी के कार्यकाल के 25 वर्ष पूरे होने पर पारित किया धन्यवाद प्रस्ताव
देहरादून:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने सोमवार को एक विशेष बैठक में धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गंगा तट स्थित मेला नियंत्रण भवन में हुई इस कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और देश के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान विशेष रूप से उल्लेख किया कि केदारनाथ आपदा से लेकर हर मुश्किल और संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री हमेशा उत्तराखंड के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य विकास की नई इबारत लिख रहा है।
संकट के समय मिला विशेष सहयोग
प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव का जिक्र करते हुए उन तमाम प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं को याद किया गया, जिनके दौरान केंद्र सरकार से त्वरित और हरसंभव सहायता प्राप्त हुई:
उत्तरकाशी का सिलक्यारा सुरंग हादसा।
वर्ष 2024 के दौरान सहस्त्रताल और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई आपदाएं।
अगस्त 2025 में उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा।
बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति
मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में यह भी रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वर्तमान में राज्य में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है:
रेलवे बजट में भारी बढ़ोतरी: वर्ष 2014 में जहां राज्य को रेलवे के लिए केवल 187 करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं वर्ष 2026-27 के लिए यह बजट बढ़कर 4,700 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो कि करीब 25 गुना अधिक है। इसके अलावा, मेरठ से ऋषिकेश तक ‘नमो भारत’ हाईस्पीड ट्रेन (RRTS) के विस्तार को भी मंजूरी मिल चुकी है।
चारधाम ऑल वेदर रोड: करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से चारधामों को ऑल वेदर रोड से जोड़ा गया है। साथ ही, 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाले दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय राजधानी के और करीब ला दिया है। इसके अलावा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 72.5 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
सड़कों का मजबूत नेटवर्क: वर्ष 2014 के बाद से राज्य में नेशनल हाईवे के तहत 2,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कें बनाई गई हैं, जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया।
स्वास्थ्य और पेयजल योजनाएं: राज्य में 63.32 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और 17.36 लाख से अधिक लोगों को 3,717 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार मिल चुका है। इसके साथ ही किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दून और हल्द्वानी की पेयजल एवं सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 6,199 करोड़ रुपये की सौंग और जमरानी बांध योजनाओं के साथ-साथ किशाऊ बांध परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है।

