ईरान के विदेश मंत्री ने सऊदी समकक्ष से की फोन पर वार्ता, खाड़ी संकट के राजनीतिक समाधान पर दिया बल
ईरान के विदेश मंत्री ने सऊदी समकक्ष से की फोन पर वार्ता, खाड़ी संकट के राजनीतिक समाधान पर दिया बल
मध्य पूर्व (खाड़ी क्षेत्र) में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार रात सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से टेलीफोन पर विस्तृत वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की ताजा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए राजनीतिक संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने पर बल दिया।
इस कूटनीतिक वार्ता और क्षेत्रीय घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें:
’सैन्य नहीं, राजनीतिक समाधान आवश्यक’:
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट किया कि खाड़ी में जारी संकटों का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल सैन्य रास्ते पर जोर देना और राजनीतिक समाधान की अनदेखी करना स्थिति को और अधिक जटिल बना देगा।
उन्होंने तेहरान, रियाद और सना (यमन) के बीच त्रिस्तरीय बातचीत शुरू कराने और मध्यस्थता के लिए ईरान की ओर से हरसंभव सहयोग का प्रस्ताव रखा।
सऊदी अरब में हूती हमलों का प्रयास विफल:
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी के अनुसार, यमन के हूती समूह द्वारा सऊदी अरब के ईस्टर्न प्रोविंस की ओर दागे गए एक ड्रोन और खमीस मुशैत शहर की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।
अमेरिका के जवाब पर ईरान का रुख (मोहसिन रेजाई का बयान):
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया पर कहा कि वॉशिंगटन की ओर से ईरान की 7 शर्तों पर दिया गया जवाब ‘अपर्याप्त और असंतोषजनक’ है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कुछ शर्तें मानी हैं, लेकिन ईरान की कूटनीति अब बदल चुकी है और देश पुरानी स्थिति में वापस नहीं जाएगा। उन्होंने होर्मुज स्ट्रैट और जारी तनाव को लेकर अमेरिका के रुख की कड़ी आलोचना की।

