खेल

युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन ने जीता डब्ल्यू35 लागोस का खिताब, सानिया मिर्जा को मानती हैं अपनी आदर्श

युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन ने जीता डब्ल्यू35 लागोस का खिताब, सानिया मिर्जा को मानती हैं अपनी आदर्श

​भारत की 17 वर्षीय युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने नाइजीरिया में आयोजित डब्ल्यू35 लागोस (W35 Lagos) टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रोफेशनल सर्किट में अपना पहला सिंगल्स और डबल्स खिताब जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस जीत के साथ उन्होंने सानिया मिर्जा के 22 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया है।

​माया राजेश्वरन की इस ऐतिहासिक जीत और इंटरव्यू से जुड़ी मुख्य बातें:

​डबल्स और सिंगल्स दोनों में शानदार प्रदर्शन:

​माया ने यूक्रेन की येलीजावेता कोट्लियार के साथ मिलकर डबल्स का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद सिंगल्स के मेन ड्रॉ में बिना कोई सेट गंवाए फाइनल तक का सफर तय किया।

​खिताबी मुकाबले में उन्होंने स्पेन की सेलिया सर्विनो रुइज को 6-4, 6-2 से हराकर डब्ल्यू35 सिंगल्स खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया।

​सानिया मिर्जा को मानती हैं अपनी आदर्श:

​भारत की महान टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा के रिकॉर्ड को तोड़ने के बाद जब उनसे तुलना को लेकर सवाल किया गया, तो माया ने इस तुलना को खारिज करते हुए कहा कि सानिया एक ‘लेजेंड’ हैं और हमेशा उनकी आदर्श रहेंगी। उन्होंने कहा कि देश में टेनिस को पहचान दिलाने में सानिया मिर्जा का बहुत बड़ा योगदान है।

​शुरुआती संघर्ष और बेहतरीन वापसी:

​टूर्नामेंट के पहले दौर में टॉप सीड खिलाड़ी जिसि़तुना मिकुलस्काइट के खिलाफ मुकाबला रोमांचक रहा, जहां पहला सेट 0-5 से पिछड़ने के बाद माया ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया। इस जीत ने उन्हें आगे के मुकाबलों के लिए भरपूर आत्मविश्वास दिया।

​भविष्य की योजनाएं:

​दक्षिण फ्रांस के एलीट टेनिस सेंटर में ट्रेनिंग करने वाली माया का कहना है कि यह उनके प्रोफेशनल करियर की महज एक शुरुआत है। वह आगे और अधिक प्रोफेशनल टूर्नामेंट खेलने, अपनी रैंकिंग सुधारने तथा तकनीक, मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को और बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *