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पाकिस्तान में बड़ा राजनीतिक उलटफेर, खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू और पीटीआई की प्रांतीय सरकार बर्खास्त

पाकिस्तान में बड़ा राजनीतिक उलटफेर, खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू और पीटीआई की प्रांतीय सरकार बर्खास्त

​पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ा और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ती आतंकी घटनाओं और संवैधानिक व्यवस्था के प्रभावित होने का हवाला देते हुए वहां आपातकाल (Emergency) की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही, इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार स्वतः समाप्त हो गई है।

​इस राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें:

​सरकार और पदों का विघटन:

राष्ट्रपति की घोषणा के तत्काल प्रभाव से लागू होने के बाद, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री, प्रांतीय मंत्री, सलाहकार, विशेष सहायक और महाधिवक्ता अपने पदों से हट गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234(1) के तहत यह आपातकाल लागू किया गया है, जिसके जरिए संघीय सरकार ने प्रांत के प्रमुख कार्यकारी और विधायी अधिकार अपने हाथ में ले लिए हैं।

​आपातकाल की मुख्य वजह:

प्रांत में लगातार बढ़ रही आतंकवादी गतिविधियों, सरकारी प्रतिष्ठानों, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा एजेंसियों पर हमलों को आपातकाल की मुख्य वजह बताया गया है। प्रांतीय गवर्नर की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि स्थानीय सरकार आतंकवाद से निपटने और संविधान के अनुरूप काम करने में सक्षम नहीं रही है।

​मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी का मार्च और टकराव:

यह बड़ा फैसला ऐसे समय में आया है जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और उचित चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर एक बड़े विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। यह मार्च 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से शुरू हुआ था और संघीय सरकार ने प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश करने से रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे।

​कानूनी और राजनीतिक संघर्ष:

इससे पहले पेशावर हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी समेत पीटीआई के 28 नेताओं की गिरफ्तारी पर रोक हटाने से इनकार कर दिया था और उनकी याचिकाओं पर सुनवाई 20 अक्टूबर तक के लिए तय की थी। इस आपातकाल के बाद पाकिस्तान की केंद्र सरकार और मुख्य विपक्षी दल पीटीआई के बीच टकराव और अधिक गहराने की आशंका जताई जा रही है।

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