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नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़, युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी

नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़, युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी

​नेपाल के पश्चिमी गोरखा जिले में बहने वाली बूढ़ी गंडकी नदी में हाल ही में हुई भारी मूसलाधार बारिश के बाद भीषण बाढ़ आ गई है, जिससे नदी किनारे बसे रिहायशी इलाकों और ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

​आपदा और राहत कार्यों से जुड़ी मुख्य बातें:

​तबाही का दायरा और नुकसान:

​चीन की सीमा से लगे चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र से गुजरने वाली बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे बने दर्जनों घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

​शुरुआती जानकारी के अनुसार, जगत और सल्लेरी गांवों के कुछ घर, झूला पुल, एक स्टील पुल तथा 341 मेगावाट की बूढ़ी जलविद्युत परियोजना का कैंप और निर्माण स्थल बाढ़ में बह गया है।

​बाढ़ के संभावित कारण: शुरुआती अनुमान के मुताबिक, लोकपा और चुम्लिंग के बीच हुए भूस्खलन (Landslide) के कारण बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी ‘स्यार खोला’ का प्रवाह रुक गया होगा, जिससे यह विकराल स्थिति उत्पन्न हुई। स्थानीय प्रशासन ने इसकी तुलना ऐतिहासिक भोटेकोशी नदी की बाढ़ से की है।

​युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य:

​नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना की एक टुकड़ी को हवाई और जमीनी दोनों मार्गों से तैनात किया गया है।

​भूस्खलन के अत्यधिक खतरे वाले जगत क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। काठमांडू से ‘क्विक रिएक्शन टीम’ (QR Team) को भी राहत कार्यों के लिए भेजा गया है।

​प्रशासन की चेतावनी: NDRRMA ने नदी के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण स्थानीय नागरिकों को नदी तटों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहने तथा पूर्ण सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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