सीएम पुष्कर सिंह धामी का विपक्ष पर करारा हमला, SIR का विरोध करने वालों को बताया राजनीतिक रूप से हताश
सीएम पुष्कर सिंह धामी का विपक्ष पर करारा हमला, SIR का विरोध करने वालों को बताया राजनीतिक रूप से हताश
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध को लेकर मचे घमासान के बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करना कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन की गहरी राजनीतिक हताशा और बौखलाहट को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान और एसआईआर विवाद से जुड़ी मुख्य बातें:
कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल: सीएम धामी ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपना इतिहास देखना चाहिए, क्योंकि उनके कार्यकाल में भी मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण नियमित रूप से होता रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब उन्हें इस प्रक्रिया से कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन आज राजनीतिक स्वार्थ के लिए वे इस पर सवाल उठा रहे हैं।
पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची का उद्देश्य: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया का एकमात्र उद्देश्य देश की वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिमुक्त बनाना है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल रहे और कोई भी मतदाता वंचित न हो।
संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने की आदत: सीएम धामी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है। विपक्ष का मकसद केवल अपनी राजनीतिक असफलताओं और जनाधार खोने के डर से संवैधानिक संस्थाओं पर बेवजह विवाद खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि देश संविधान और तय नियमों के अनुसार चलेगा, किसी की जोर-जबरदस्ती से नहीं।

