पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) में आपातकाल या गवर्नर शासन की आहट, अगले 48 घंटे बेहद अहम
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) में आपातकाल या गवर्नर शासन की आहट, अगले 48 घंटे बेहद अहम
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत में राजनीतिक तनाव और केंद्र सरकार के साथ चल रहे टकराव के बीच अगले 48 घंटों में आपातकाल या गवर्नर शासन लागू किए जाने की संभावना तेज हो गई है। संघीय सरकार ने प्रांतीय प्रशासन में संभावित बदलावों और आपातकालीन कदमों से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
खैबर पख्तूनख्वा संकट और राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें:
’बड़े फैसले’ के संकेत: पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेता दानियाल चौधरी ने सोशल मीडिया पर संकेत दिए हैं कि प्रांत में हालात को देखते हुए अगले 48 घंटों में कुछ बड़े और कड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं।
प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघीय सरकार शुरुआती चरण में प्रांत के 12 जिलों में आपातकाल लागू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके अलावा, उपायुक्तों, सचिवों और क्षेत्रीय तथा जिला पुलिस अधिकारियों के स्तर पर बड़े पैमाने पर फेरबदल की सूचियां तैयार कर ली गई हैं।
पीटीआई (PTI) का विरोध प्रदर्शन और मुख्यमंत्री का रुख: खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की सरकार है और पार्टी अध्यक्ष की रिहाई व संविधान बचाने की मुहिम के तहत पूरे प्रदेश में प्रदर्शन जारी हैं। प्रांतीय मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और पीटीआई का शीर्ष नेतृत्व (जिसमें बैरिस्टर गौहर अली खान भी शामिल हैं) मौजूदा राजनीतिक हालात और केंद्र के रुख पर मंथन कर रहा है।
गवर्नर और केंद्र सरकार के आरोप: प्रांतीय गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने में कथित विफलता को लेकर मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की कड़ी आलोचना की है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और सख्त रुख अपनाने की मांग कर रही है, जिससे केंद्र और पेशावर के बीच खाई और गहरी हो गई है।

