उत्तर कोरिया ने अमेरिकी मानव तस्करी रिपोर्ट को बताया ‘राजनीति से प्रेरित’, दी कड़ी प्रतिक्रिया
उत्तर कोरिया ने अमेरिकी मानव तस्करी रिपोर्ट को बताया ‘राजनीति से प्रेरित’, दी कड़ी प्रतिक्रिया
उत्तर कोरिया ने अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी की गई 2026 की मानव तस्करी रिपोर्ट (Trafficking in Persons Report) की कड़ी आलोचना की है। प्योंगयांग ने इस रिपोर्ट को ‘राजनीति से प्रेरित गंभीर उकसावे’ की कार्रवाई करार देते हुए कहा है कि अमेरिका मानवाधिकारों के मुद्दे का इस्तेमाल उत्तर कोरिया के खिलाफ अपनी शत्रुतापूर्ण नीति को आगे बढ़ाने और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए कर रहा है।
उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया और अमेरिकी रिपोर्ट से जुड़ी मुख्य बातें:
’टियर-3′ श्रेणी में निरंतर स्थान: अमेरिकी विदेश विभाग ने अपनी इस वार्षिक रिपोर्ट में उत्तर कोरिया को मानव तस्करी रोकने के प्रयासों के मामले में सबसे निचली श्रेणी यानी ‘टियर-3’ में रखा है। इस श्रेणी में चीन, रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देश भी शामिल हैं। उत्तर कोरिया लगातार 24वें वर्ष इस श्रेणी में बना हुआ है।
प्योंगयांग का कड़ा रुख: उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने केसीएनए (KCNA) के माध्यम से जारी बयान में अमेरिकी रिपोर्ट को “झूठ, मनगढ़ंत तथ्यों, पूर्वाग्रह और शत्रुता से भरा दस्तावेज” बताया है। प्योंगयांग का आरोप है कि अमेरिका इसका इस्तेमाल अन्य देशों की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था को बदलने के लिए एक औजार के रूप में करता है।
अमेरिकी रिपोर्ट के प्रमुख आरोप: अमेरिकी रिपोर्ट में उत्तर कोरिया पर आरोप लगाया गया है कि वह राजनीतिक कैद शिविरों और श्रम प्रशिक्षण केंद्रों में जबरन श्रम को संस्थागत रूप देता है, जिससे प्राप्त धन का उपयोग सरकारी कामकाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा, विदेशों में काम करने वाले उत्तर कोरियाई नागरिकों की दयनीय स्थिति, अत्यधिक काम और उनके पासपोर्ट जब्त किए जाने जैसे गंभीर मुद्दे भी रिपोर्ट में उठाए गए हैं।
जवाबी कार्रवाई की चेतावनी: उत्तर कोरियाई प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि देश की संप्रभुता और नागरिकों के हितों को खतरे में डालने वाली अमेरिकी नीतियों के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, बयान में किसी विशिष्ट सैन्य या कूटनीतिक कार्रवाई का खुलासा नहीं किया गया है।

