चंडीगढ़ में ‘आप’ नेताओं की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज
चंडीगढ़ में ‘आप’ नेताओं की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘वोट चोरी’ और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में चल रहे देशव्यापी आंदोलन के बीच राजनीति गरमा गई है। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन और सुरक्षा पाबंदियों के बीच, चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
चंडीगढ़ प्रदर्शन और ‘आप’ नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़ी मुख्य बातें:
मनीष सिसोदिया और मंत्रियों की हिरासत: चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान पंजाब ‘आप’ के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा, हरदीप सिंह मुंडियां और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
मनीष सिसोदिया का केंद्र सरकार पर हमला: मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि देश के युवा और मतदाता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के इशारे पर लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों को कुचला जा रहा है, और देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि युवाओं के शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए इतनी बड़ी ताक़त का इस्तेमाल किया जा रहा है।
दिल्ली में ‘ब्लैक इमरजेंसी’ का आरोप: दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए देश में ‘ब्लैक इमरजेंसी’ (काला आपातकाल) लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है तथा सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों के संचालन को क्यों बाधित किया जा रहा है।
विपक्ष का आक्रामक रुख: 2 अक्टूबर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है, जिससे केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तीव्र हो गया है।

