चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 के नियमों को किया सख्त, देश भर में वोट चोरी के आरोपों और CJP प्रदर्शन के बीच नया निर्देश जारी
चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 के नियमों को किया सख्त, देश भर में वोट चोरी के आरोपों और CJP प्रदर्शन के बीच नया निर्देश जारी
देश भर में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 (Form 7) के नियमों को लेकर एक महत्वपूर्ण और सख्त सर्कुलर जारी किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा विरोध प्रदर्शन की घोषणा और राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है।
निर्वाचन आयोग के नए निर्देश और फॉर्म-7 से जुड़ी मुख्य बातें:
फॉर्म-7 आवेदन की नई सीमाएं: निर्वाचन आयोग के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान दावे और आपत्तियों की पूरी अवधि में कोई भी मतदाता व्यक्तिगत रूप से अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन ही दाखिल कर सकेगा।
निरंतर अद्यतनीकरण के नियम: मतदाता सूची के निरंतर अद्यतनीकरण (Continuous Updation) की अवधि के दौरान कोई भी मतदाता प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन ही भर सकेगा।
अनिवार्य सुनवाई और नोटिस प्रक्रिया: फॉर्म-7 प्राप्त होने के बाद निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) या तो सीधे या बीएलओ (BLO) की अनुशंसा पर सबसे पहले आपत्तिकर्ता (ऑब्जेक्टर) को नोटिस जारी करेगा और व्यक्तिगत रूप से उसकी सुनवाई करेगा।
साक्ष्य और निष्पक्ष निपटारा: प्रत्येक फॉर्म-7 के लिए आपत्तिकर्ता के अलग-अलग बयान, दलीलें और साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे। ईआरओ पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम (RER), 1960 के नियम 19 और 20 के तहत आगे की कार्रवाई करेगा। इस प्रक्रिया के दौरान उस व्यक्ति को भी सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा जिसके नाम या आवेदन पर आपत्ति जताई गई है।
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन और गिरफ्तारियों का घटनाक्रम:
दिल्ली में CJP का प्रदर्शन और हिरासत: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।
फ्लाइट के भीतर कार्रवाई: CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, रांका और सौरव दास जैसे प्रमुख नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे, जहां पुलिस ने विमान के अंदर ही उन्हें हिरासत में ले लिया और बस में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले गई। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है।

