अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ‘फॉरेन इंडेंचर्ड सर्वेंट्स’ टिप्पणी पर भारत की कड़ी आपत्ति, पीईआरएम कार्यक्रम निलंबित
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ‘फॉरेन इंडेंचर्ड सर्वेंट्स’ टिप्पणी पर भारत की कड़ी आपत्ति, पीईआरएम कार्यक्रम निलंबित
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा विदेशी कर्मचारियों के संबंध में दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन ने रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया से जुड़े परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) कार्यक्रम को निलंबित करने का बड़ा फैसला लिया है।
इस विवाद और घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें:
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर जेडी वेंस की टिप्पणी को अनुचित करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवर उच्च शिक्षित और कुशल लोग हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था और नवाचार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
ऐतिहासिक और औपनिवेशिक संदर्भ पर आपत्ति: भारत ने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल, जिनसे ऐतिहासिक और औपनिवेशिक दौर की पीड़ादायक यादें जुड़ी हों, बेहद आपत्तिजनक है और यह इस तथ्य को नजरअंदाज करता है कि अमेरिका का अपना इतिहास भी प्रवासियों के श्रम और नवाचार से बना है।
जेडी वेंस का माइक्रोसॉफ्ट विवाद से जुड़ा बयान: हाल ही में जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट पर अमेरिकी नागरिकों की जगह विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कंपनी ने जितने अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की, उसके मुकाबले डेढ़ गुना अधिक विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त किया है। इसी संदर्भ में उन्होंने विदेशी कर्मचारियों के लिए विवादास्पद शब्दाوب का इस्तेमाल किया था।
PERM कार्यक्रम का निलंबन: अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि चल रही आपराधिक और संघीय जांच के कारण कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी जैसी दुनिया की बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों के लिए PERM कार्यक्रम को निलंबित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब ये कंपनियां नए आवेदन दाखिल नहीं कर सकेंगी और पुराने लंबित आवेदन भी रोक दिए गए हैं।

