Tuesday, October 6, 2026
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हरमनप्रीत कौर का बड़ा फैसला: वनडे विश्व कप 2025 जिताने वाली भारतीय महिला कप्तान ने छोड़ी कप्तानी, स्मृति मंधाना संभाल सकती हैं कमान

हरमनप्रीत कौर का बड़ा फैसला: वनडे विश्व कप 2025 जिताने वाली भारतीय महिला कप्तान ने छोड़ी कप्तानी, स्मृति मंधाना संभाल सकती हैं कमान

​भारतीय महिला क्रिकेट टीम को अपनी ऐतिहासिक कप्तानी में वनडे विश्व कप 2025 का चैंपियन बनाने वाली दिग्गज खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक और लंबी पोस्ट के जरिए उन्होंने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह बतौर खिलाड़ी आगे भी चयन के लिए उपलब्ध रहेंगी और खेलती रहेंगी।

​कप्तानी छोड़ने का फैसला और भविष्य की रूपरेखा:

​उच्च स्तरीय बैठक के बाद निर्णय: हरमनप्रीत कौर ने यह बड़ा फैसला उपकप्तान स्मृति मंधाना, हेड कोच अमोल मजूमदार और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया है।

​नई कप्तान: सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, हरमनप्रीत के बाद अब स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना को तीनों फॉर्मेट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान बनाया जा सकता है।

​भावुक विदाई संदेश: इंस्टाग्राम पर अपने पोस्ट में हरमनप्रीत ने लिखा, “यह कोई आसान फैसला नहीं है… मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है—अपना खून, पसीना और समय। मैंने गर्व के साथ यह जिम्मेदारी निभाई है और अब पन्ना पलटने का समय आ गया है।”

​हरमनप्रीत कौर का शानदार कप्तानी करियर:

​37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर ने साल 2012 में पहली बार अस्थायी रूप से और 2016 में पूर्णकालिक तौर पर भारतीय महिला टीम की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट ने कई स्वर्णिम सफलताएं हासिल कीं:

​ऐतिहासिक वनडे विश्व कप 2025: उनकी कप्तानी में भारत ने अपना पहला आईसीसी खिताब (वनडे विश्व कप 2025) जीतकर इतिहास रचा।

​अन्य प्रमुख सफलताएं: उनकी अगुवाई में टीम ने महिला टी20 एशिया कप का खिताब जीता, एशियन गेम्स में लगातार दो बार स्वर्ण पदक (Gold Medal) हासिल किए और 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया।

​कप्तानी के आंकड़े: हरमनप्रीत ने अपने शानदार कप्तानी करियर के दौरान भारत को 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 मैचों में सफलतापूर्वक लीड किया।

​भले ही हरमनप्रीत ने कप्तानी की बागडोर छोड़ दी है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण और जुनून वैसा ही बना हुआ है। उनके इस योगदान को भारतीय खेल इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में याद रखा जाएगा।

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