फ्लाईदुबई फ्लाइट हमला: ओमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी का कबूलनामा—”गाज़ा का बदला लेने और शहीद होने के लिए किया था हमला”
फ्लाईदुबई फ्लाइट हमला: ओमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी का कबूलनामा—”गाज़ा का बदला लेने और शहीद होने के लिए किया था हमला”
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (flydubai) फ्लाइट 1073 पर हुए सनसनीखेज हमले को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इज़राइली ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल ‘माको’ और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान के कैप्टन पर जानलेवा हमला कर उसे क्रैश करने की कोशिश करने वाले ओमान के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उसने यह खौफनाक कदम गाज़ा का बदला लेने के लिए उठाया था।
जांच और खुलासे से जुड़े मुख्य बिंदु:
हमलावर का कबूलनामा: अमीराती जांचकर्ताओं से पूछताछ में अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कहा, “मैंने यह गाज़ा का बदला लेने के लिए किया। मैं शहीद होकर मरना चाहता था।”
कट्टरपंथी विचारधारा और पुरानी पृष्ठभूमि: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-हम्मामी इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। उसे पहले ही उसकी चरमपंथी सोच के कारण ओमान की नेशनल एयरलाइन से हटा दिया गया था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इज़राइली विमानों के कॉकपिट वीडियो और अल-कायदा से जुड़े कंटेंट पाए गए हैं।
घटना का घटनाक्रम (30 सितंबर): 170 से अधिक यात्रियों (मुख्य रूप से इज़राइली नागरिकों) से भरी इस उड़ान में लैंडिंग से ठीक एक घंटे पहले अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर अचानक चाकू और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। इसके चलते विमान कुछ ही सेकंड में 1,700 फीट से अधिक नीचे गोता लगा गया था।
यात्रियों और क्रू की बहादुरी से टला बड़ा हादसा: गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने हमलावर का डटकर मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और फ्लाइट में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने हमलावर को काबू में किया और विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़कर सुरक्षित लैंडिंग कराई।
इजरायल और सऊदी अरब की आपात प्रतिक्रिया:
वायु सीमा सील और लड़ाकू विमान तैनात: इस घटना के बाद इज़रायली एयरस्पेस को तुरंत सील कर दिया गया था और वायु सेना ने आपातकालीन लड़ाकू विमान रवाना कर दिए थे।
मारे जाने का था खतरा: सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यदि विमान तेल अवीव की ओर अपनी उड़ान जारी रखता और अपहरण की पुष्टि हो जाती, तो इज़राइली और सऊदी लड़ाकू विमानों द्वारा उसे बेन गुरियन एयरपोर्ट या घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने से पहले ही हवा में मार गिराए जाने की पूरी तैयारी थी।
फिलहाल, जांच एजेंसियां अल-हम्मामी के फोन, संपर्कों और विदेशी यात्राओं की गहराई से छानबीन कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति या आतंकवादी नेटवर्क भी शामिल था या नहीं।

