अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की चेतावनी: रूस की लैब में प्लेग के संदिग्ध मामले पर अमेरिका की पैनी नजर, अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी रखी बेबाक राय
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की चेतावनी: रूस की लैब में प्लेग के संदिग्ध मामले पर अमेरिका की पैनी नजर, अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी रखी बेबाक राय
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूस की एक प्रयोगशाला (Lab) में प्लेग का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद चिंता व्यक्त की है। यूरोप दौरे पर रवाना होने से पहले जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस संवेदनशील स्थिति पर बेहद करीबी नजर बनाए हुए है, हालांकि अभी घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
प्रमुख बयान और हालात से जुड़े बिंदु:
रूस की लैब में प्लेग का संदिग्ध मामला: रुबियो ने बताया कि अमेरिका के पास फिलहाल उतनी ही जानकारी है जितनी रूसी अधिकारियों ने साझा की है। इसके अनुसार, लैब के एक कर्मचारी में प्लेग का संक्रमण होने की पुष्टि हुई है और इस बात की आशंका है कि संक्रमण लैब के भीतर अन्य लोगों तक भी फैल सकता है, जिसके चलते वहां क्वारंटीन की व्यवस्था की गई है।
अमेरिका का रुख और सतर्कता: हालांकि रूस और अमेरिका के बीच आवाजाही कम है, फिर भी अमेरिका इस मामले को गंभीरता से ले रहा है क्योंकि संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, रुबियो ने लैब के सटीक स्थान या प्लेग के प्रकार के बारे में कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
कीव में राजनयिकों की सुरक्षा पर बयान: रूस द्वारा कीव में विदेशी राजनयिकों को शहर छोड़ने की सलाह दिए जाने पर रुबियो ने कहा कि मॉस्को लंबे समय से ऐसी चेतावनियां देता रहा है। अमेरिका कीव में अपने दूतावास की सुरक्षा का आकलन खुद करता है और फिलहाल स्थिति के आधार पर दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है।
ब्रिटेन से अमेरिकी बमवर्षकों की अदला-बदली: ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड बेस से अमेरिकी बमवर्षक विमानों को दूसरी जगह भेजे जाने के सवाल पर रुबियो ने स्पष्ट किया कि इसे हालिया किसी धमकी से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि अमेरिकी रक्षा विभाग अपनी रणनीतिक जरूरतों के तहत सैन्य संसाधनों की तैनाती में नियमित बदलाव करता रहता है।
विदेश मंत्री रुबियो ने इस प्रेस वार्ता के दौरान रूस-यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व के हालात और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य अहम मामलों पर भी अमेरिकी प्रशासन का दृष्टिकोण स्पष्ट किया।

