मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस का बड़ा अभियान: 25 अक्टूबर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन का ऐलान, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली
मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस का बड़ा अभियान: 25 अक्टूबर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन का ऐलान, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली
देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी और बड़े राजनीतिक अभियान का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पार्टी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक एक महीने का विशेष अभियान चलाएगी।
कांग्रेस के अभियान की रूपरेखा और प्रमुख कार्यक्रम:
घर-घर बूथ स्तर पर अभियान: कांग्रेस पार्टी देश के लगभग 10 लाख बूथों पर घर-घर जाकर उन मतदाताओं से संपर्क करेगी जिनके नाम सूची से हटाए गए हैं। पार्टी का लक्ष्य एक महीने के भीतर ऐसे लगभग 13 से 13.5 करोड़ काटे गए नामों को एकत्रित कर उन्हें दोबारा मतदाता सूची में जुड़वाना है।
1 नवंबर को दिल्ली में महारैली: इस अभियान के तहत 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल महारैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ‘इंडिया’ गठबंधन की सभी सहयोगी पार्टियों और अन्य विपक्षी दलों को आमंत्रित किया जा रहा है।
’दिल्ली चलो’ यात्रा: संविधान दिवस (26 नवंबर) की पृष्ठभूमि में 25 और 26 नवंबर को देश के छह अलग-अलग स्थानों से ‘दिल्ली चलो’ यात्रा की शुरुआत होगी। यह पूरा आंदोलन ‘वोट बचाओ, देश बचाओ और सीईसी हटाओ’ के नारे के इर्द-गिर्द केंद्रित होगा।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और सीईसी पर गंभीर आरोप:
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को निलंबित (सस्पेंड) करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का भी हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया बेहद गैरकानूनी और लापरवाह तरीके से चलाई जा रही है, जिसके तहत बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग के पूर्व इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले के सीईसी जैसे सुकुमार सेन द्वारा स्थापित साख और मर्यादा का दावा मौजूदा नेतृत्व नहीं कर सकता। उन्होंने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर भी चुनाव आयोग के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस आलाकमान की उच्चस्तरीय बैठक:
इससे पहले नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष म मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में पार्टी के सभी महासचिवों, राज्य प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर देशव्यापी रणनीति तैयार की गई और पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि नागरिकों से मतदान का अधिकार छीना जाना देशहित के खिलाफ है।

