राहुल गांधी से मिले कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष: यूपी से आराधना मिश्रा और पंजाब से परगट सिंह ने की मुलाकात, संगठन को मजबूत करने पर हुई चर्चा
राहुल गांधी से मिले कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष: यूपी से आराधना मिश्रा और पंजाब से परगट सिंह ने की मुलाकात, संगठन को मजबूत करने पर हुई चर्चा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उत्तर प्रदेश की नई पीसीसी अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’, पंजाब के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह और ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष मधु गौड़ यास्खी ने राहुल गांधी से भेंट की। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना था।
मुलाकात के मुख्य बिंदु:
पंजाब और यूपी के नए नेताओं से चर्चा: राहुल गांधी ने पंजाब के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह और उत्तर प्रदेश की कमान संभालने वाली आराधना मिश्रा को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दोनों नेताओं को बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं में जोश भरने और जनहित के मुद्दों को लेकर आक्रामक तरीके से सड़क पर उतरने का मंत्र दिया।
परगट सिंह की प्रतिक्रिया: मुलाकात के बाद पंजाब के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राहुल गांधी का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी का मार्गदर्शन और पंजाब के प्रति उनका संकल्प उनके लिए प्रेरणा है। वे पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता की ताकत के साथ पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
प्रोफेशनल्स को जोड़ने पर जोर: राहुल गांधी ने ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के चेयरपर्सन मधु गौड़ यास्खी से भी मुलाकात की और अधिक से अधिक प्रोफेशनल्स को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की।
आगामी चुनावी चुनौतियां:
पंजाब: पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है, ऐसे में परगट सिंह के सामने संगठन में नई जान फूंकने की बड़ी जिम्मेदारी है।
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की पुत्री और रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई है, जिनके सामने पार्टी को राज्य में फिर से पुनर्जीवित करने की बड़ी चुनौती है।
कांग्रेस पार्टी द्वारा हाल ही में देश के कई राज्यों में सांगठनिक फेरबदल करते हुए नए और ऊर्जावान चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

