तमिलनाडु सरकार की कल्याणकारी पहल: ‘वेट्री पायनम थिट्टम’ का विस्तार और ‘थाई मामन थंगा मोधिरम’ योजना
तमिलनाडु सरकार की कल्याणकारी पहल: ‘वेट्री पायनम थिट्टम’ का विस्तार और ‘थाई मामन थंगा मोधिरम’ योजना
तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं, ट्रांसजेंडर समुदाय और नवजात शिशुओं के कल्याण के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने राज्य के विकास और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है।
’वेट्री पायनम थिट्टम’ (मुफ्त बस यात्रा योजना) का विस्तार
बढ़ी हुई बस श्रेणियां: इस योजना के तहत अब केवल महानगरों की साधारण बसें ही नहीं, बल्कि एक्सप्रेस, एलएसएस, डीलक्स बसें, जिलों के बीच चलने वाली साधारण उपनगरीय बसें और 40 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले पहाड़ी क्षेत्रों की बसें भी शामिल कर ली गई हैं।
विशाल दायरा: इसके तहत राज्य के सात परिवहन निगमों की कुल 12,692 बसों को जोड़ा गया है, जिससे प्रतिदिन लगभग 84.32 लाख महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसे मिलेगा लाभ: यह योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों दोनों के लिए है, जिससे उन्हें शिक्षा, रोजगार और अन्य सेवाओं तक पहुंचने में आर्थिक राहत और सुगमता मिलेगी।
’थाई मामन थंगा मोधिरम’ योजना
सोने की अंगूठी का उपहार: मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में इस योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत पात्र नवजात बच्चों को एक ग्राम वजन की 22 कैरेट सोने की अंगूठी दी जा रही है।
पारदर्शिता और नियम: इस योजना का लाभ उठाने के लिए माता का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना और PICME में पंजीकरण कराकर RCH आईडी प्राप्त करना अनिवार्य है। पारदर्शिता के लिए हर अंगूठी पर यूनिक सीरियल नंबर और छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग की व्यवस्था की गई है।
यह दोनों योजनाएं सरकार के दीर्घकालिक ‘वेट्री तमिलगम’ विजन का मुख्य हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य सामाजिक कल्याण और जन-कल्याणकारी सेवाओं को और मजबूत करना है।
