कांग्रेस का ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ आंदोलन: 2 से 8 अक्टूबर तक भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
कांग्रेस का ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ आंदोलन: 2 से 8 अक्टूबर तक भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक बड़े स्तर पर आंदोलन का ऐलान किया है। महानगर और जिला स्तर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी’ के निर्देश पर ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ मार्च’ निकाला जाएगा, जिसमें ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों को भी शामिल किया गया है।
आंदोलन का 8-दिवसीय कार्यक्रम और रणनीति:
पहला दिन (2 अक्टूबर – गांधी जयंती): जिला स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी और इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की रूपरेखा साझा की जाएगी। इसमें राज्य स्तरीय नेताओं की उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है।
दूसरा दिन: गठबंधन के साथियों के साथ ब्लॉक स्तर पर संयुक्त तैयारियां की जाएंगी और जमीनी स्तर (ग्रासरूट) पर रणनीति को मजबूत किया जाएगा।
तीसरा दिन व आगे: ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर जिला स्तर पर बड़े मार्च और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी इन सभी कार्यक्रमों को आगामी 8 दिनों के भीतर पूरा करेगी। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से इन अभियानों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
कांग्रेस के मुख्य आरोप और मांगें:
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने बयान जारी करते हुए कहा कि भारत के चुनाव आयोग की निष्पक्षता और साख की पूरी दुनिया में मिसाल दी जाती थी, लेकिन पिछले कुछ समय से इसकी कार्यप्रणाली पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग संस्थागत कब्जे का शिकार हो चुका है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर देश का समूचा विपक्ष एकजुट होकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी कड़ी में 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से पूरे देश में जनपद, महानगर और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन व जन-जागरण अभियानों का यह सिलसिला शुरू होने जा रहा है।
