कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक: प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक: प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की उच्चस्तरीय बैठक में ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर एक कड़ा प्रस्ताव पारित किया गया है। पार्टी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़े राजनीतिक कदम उठाने का ऐलान किया है।
इस बैठक और प्रस्ताव से जुड़े मुख्य बिंदु:
इस्तीफे की मांग:
कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग के जरिए चुनावी प्रक्रिया पर कब्जा किया गया है और सरकार के इशारे पर काम हो रहा है।
13 करोड़ 30 लाख नाम बहाल करने की मांग:
पार्टी ने ‘एसआईआर’ (SIR) प्रक्रिया को तुरंत निलंबित करने की मांग करते हुए कहा है कि इसके जरिए मतदाता सूचियों से अवैध रूप से हटाए गए करीब 13 करोड़ 30 लाख नामों को तुरंत दोबारा जोड़ा जाए।
मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के तीखे तेवर:
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं और युवाओं को उनके मताधिकार से बेदखल करने के लिए नियमों में बदलाव किए गए हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति सिर्फ विरोध की नहीं, बल्कि प्रतिरोध (Resistance) की भी है और पार्टी संसद से लेकर सड़क और बूथ स्तर तक इस लड़ाई को लड़ेगी। कार्यसमिति ने पिछले दो वर्षों से इस मुद्दे को उठाने के लिए राहुल गांधी को बधाई भी दी।
इंडिया गठबंधन और आगे की रणनीति:
केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने जानकारी दी कि भविष्य के संयुक्त आंदोलनों की रूपरेखा 30 सितंबर को होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में सहयोगी दलों के साथ चर्चा के बाद तय की जाएगी। पार्टी इस मुद्दे को अब गांव और बूथ स्तर तक लेकर जाएगी।
