सेंट्रल रेलवे का विशेष टिकट चेकिंग अभियान: 1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, बिना मूल आईडी के यात्रा पर होगी कार्रवाई
सेंट्रल रेलवे का विशेष टिकट चेकिंग अभियान: 1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, बिना मूल आईडी के यात्रा पर होगी कार्रवाई
त्योहारी सीजन में ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सेंट्रल रेलवे ने 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक एक विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान ट्रेनों में बिना टिकट, फर्जी पास और नियमों के विरुद्ध यात्रा करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
इस विशेष अभियान से जुड़े मुख्य बिंदु:
किन चीजों की होगी जांच:
इस अभियान के दौरान बुक किए गए रियायती टिकटों, विशेष आरक्षण कोटे और रेलवे पास/ई-पास (PTO) की विशेष जांच की जाएगी।
यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि ई-पास या पीटीओ को जरूरी प्राधिकरण में बदलवा लिया गया है या नहीं। इसके अलावा अनारक्षित टिकटों की भी सघन जांच होगी।
मूल पहचान पत्र (Original ID) होना अनिवार्य:
रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि एक ही टिकट पर कई यात्री यात्रा कर रहे हैं, तो उनमें से कम से कम एक यात्री के पास मूल पहचान पत्र (Original ID) होना अनिवार्य है। मूल आईडी के बिना यात्रा करने वाले यात्रियों को ‘बिना टिकट’ माना जाएगा।
मान्य पहचान पत्र: वोटर फोटो आईडी, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र/राज्य सरकार द्वारा जारी फोटोयुक्त कार्ड, बैंक की फोटोयुक्त पासबुक, क्रेडिट कार्ड और स्कूल-कॉलेज के फोटोयुक्त आईडी कार्ड मान्य होंगे।
बढ़ा हुआ जुर्माना:
जन विश्वास अधिनियम, 2026 के प्रावधानों और रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 व 138 के तहत बिना टिकट यात्रा करने पर लगने वाला न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है (यह बदलाव 20 जून 2026 से प्रभावी है)।
अभियान का उद्देश्य:
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आरक्षण सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकना, रियायती व रेलवे पास के फर्जी इस्तेमाल पर रोक लगाना और रेलवे को हो रहे राजस्व के नुकसान से बचाना है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान वैध टिकट और अपनी मूल आईडी साथ रखें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
