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ईरानी रियाल फिर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 25 लाख के पार; होर्मुज पर बातचीत तेज

ईरानी रियाल फिर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 25 लाख के पार; होर्मुज पर बातचीत तेज

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान की मुद्रा रियाल मंगलवार को एक बार फिर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। तेहरान के फ्री मार्केट में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 25 लाख रियाल से अधिक हो गई। इससे पहले 2 सितंबर को रियाल करीब 22 लाख प्रति डॉलर के स्तर तक गिरा था। यानी महज 27 दिनों में मुद्रा ने एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर दर्ज किया है।

रियाल में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब युद्ध, प्रतिबंधों, तेल निर्यात पर दबाव और व्यापारिक बाधाओं से ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक, युद्ध के कई महीनों बाद ईरान में महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ाया है।

होर्मुज को लेकर अप्रत्यक्ष बातचीत तेज

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत के और गंभीर होने की जानकारी दी है। अराघची के मुताबिक, कतर के मध्यस्थों के साथ न्यूयॉर्क में हुई बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए ईरान की शर्तों को पूरा करने के तरीकों पर चर्चा हुई। कतर अब इन प्रस्तावों को अमेरिकी पक्ष के सामने रखेगा और तेहरान को वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

अराघची ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच कतर तथा पाकिस्तान के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान पहले से जारी था, लेकिन ईरान के हालिया प्रस्ताव के बाद संपर्क अधिक गंभीर रूप ले चुका है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अराघची के बीच भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में बातचीत हुई थी।

ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अमेरिकी नाकाबंदी हटाने, प्रतिबंधों में राहत और कुछ अन्य शर्तों पर सहमति बनने के बाद वह सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज किया है, हालांकि अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रहने की बात सामने आई है।

ईरान पर बढ़ता आर्थिक दबाव

रियाल की रिकॉर्ड गिरावट ईरान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव का एक प्रमुख संकेत है। अमेरिकी प्रतिबंधों और तेल निर्यात पर असर के साथ युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता ने आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। इसी बीच होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता बढ़ाई है।

ईरान की ओर से बातचीत के जरिए होर्मुज को दोबारा खोलने की कोशिश और दूसरी तरफ अमेरिकी प्रतिबंधों तथा परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद इस संकट को और जटिल बना रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि किसी व्यापक समझौते के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर भी सहमति जरूरी होगी।

 

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