उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: ईवीएम को लेकर अखिलेश यादव और मायावती की मांग, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: ईवीएम को लेकर अखिलेश यादव और मायावती की मांग, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से कुछ ही महीने पहले राज्य की राजनीति में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आगामी चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु:
अखिलेश यादव का बयान: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी का विरोध ईवीएम के खिलाफ निरंतर जारी रहेगा, भले ही वे चुनाव में सभी सीटें क्यों न जीत जाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देश, जो तकनीक में काफी आगे हैं, वहां भी बैलेट पेपर से ही चुनाव कराए जाते हैं।
मायावती का समर्थन: अक्सर विपक्षी दलों पर हमलावर रहने वाली बसपा प्रमुख मायावती ने भी इस मुद्दे पर ऐसी ही राय जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर जनता के मन में संदेह है, जिससे लोकतंत्र पर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने दशकों पहले बैलेट पेपर के दौर की पारदर्शिता का हवाला देते हुए कहा कि जनता को यह विश्वास होना चाहिए कि उनका वोट सही उम्मीदवार को ही गया है।
रणनीति और मुख्य निशाना: जब अखिलेश यादव से यह पूछा गया कि क्या सपा मुख्य चुनाव आयुक्त या संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई आंदोलन करेगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता से हटाने की है। उनका मानना है कि मुख्य जड़ बीजेपी ही है, जिसके हटने के बाद बाकी व्यवस्थाएं स्वतः ठीक हो जाएंगी।
चुनावी सरगर्मी के बीच ईवीएम का यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।
