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बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल: 28 सितंबर से शाखा सेवाएं प्रभावित होने की आशंका, एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया ने जारी की एडवाइजरी

बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल: 28 सितंबर से शाखा सेवाएं प्रभावित होने की आशंका, एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया ने जारी की एडवाइजरी

​सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुरानी पीढ़ी के निजी बैंकों के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारी 28 सितंबर से तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। यह हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब बैंकिंग क्षेत्र का महत्वपूर्ण अर्धवार्षिक समापन (हाफ-ईयर क्लोजिंग) चल रहा है, जिससे कई शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

​हड़ताल और बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी मुख्य बातें:

​यूनियनों की प्रमुख मांगें: बैंक यूनियनों की मुख्य मांगों में पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना, पेंशन सुधार और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं।

​बैंकों की एडवाइजरी (एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया): भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों के लिए एडवाइजरी जारी कर सलाह दी है कि वे अपने जरूरी और महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन पहले ही निपटा लें। बैंकों ने शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति में डिजिटल माध्यमों—जैसे योनो, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनों—का उपयोग करने की अपील की है।

​निजी बैंकों पर असर नहीं: आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे नई पीढ़ी के निजी क्षेत्र के बैंकों के सामान्य रूप से काम करते रहने की उम्मीद है, जिससे ग्राहकों के पास वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध रहेगा।

​ग्रामीण बैंकों पर भी असर: रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं, जिससे देशव्यापी स्तर पर सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।

​सरकार और प्रशासन के कदम:

​ग्राहकों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को रविवार, 27 सितंबर को भी खुले रखने का निर्देश दिया है, ताकि लोग हड़ताल शुरू होने से पहले अपने जरूरी काम पूरे कर सकें।

​इससे पहले वित्त मंत्रालय ने भी यूनियनों से हड़ताल टालने की अपील करते हुए कहा था कि उनकी अधिकांश चिंताओं पर पहले ही काफी हद तक कार्रवाई की जा चुकी है।

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