बच्चों में आँख का गंभीर कैंसर: रेटिनोब्लास्टोमा के शुरुआती लक्षण और जरूरी सावधानियां
बच्चों में आँख का गंभीर कैंसर: रेटिनोब्लास्टोमा के शुरुआती लक्षण और जरूरी सावधानियां
बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता हमेशा सतर्क रहते हैं, लेकिन कई बार आँखों से जुड़े कुछ शुरुआती संकेतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रीय कार्यालय ने बच्चों में होने वाले आँख के कैंसर यानी रेटिनोब्लास्टोमा (Retinoblastoma) को लेकर लोगों को आगाह किया है।
यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर प्रकार का कैंसर है जो आँख के पीछे मौजूद रेटिना में विकसित होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और ज्यादातर मामले 3 साल से कम उम्र के बच्चों में देखे जाते हैं। यदि समय पर इसकी पहचान और इलाज हो जाए, तो कई देशों में इससे ठीक होने की दर 95% से अधिक है।
रेटिनोब्लास्टोमा के प्रमुख शुरुआती संकेत:
पुतली में असामान्य सफेद चमक: आमतौर पर कैमरे के फ्लैश या तेज रोशनी में आँखों में लाल चमक दिखाई देती है, लेकिन यदि बच्चे की पुतली में लाल रंग के बजाय सफेद चमक बार-बार नजर आए, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
आँख का तिरछा होना (स्ट्रैबिस्मस): यदि बच्चा सामने देखते समय अपनी एक आँख को बार-बार अंदर या बाहर की तरफ घुमाता है, तो इसे सामान्य ‘लेजी आई’ समझने की भूल न करें। यह इस गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
बीमारी के कारण और अन्य जरूरी बातें:
यह कैंसर किसी एक आँख में भी हो सकता है और दोनों आँखों में भी।
इसके विकास में RB1 जीन में होने वाला बदलाव मुख्य भूमिका निभाता है। कुछ मामलों में यह आनुवंशिक (वंशानुगत) होता है, जबकि कई बार यह स्वतः विकसित होता है।
यह बीमारी मुख्य रूप से बच्चों से जुड़ी है और माता-पिता की जागरूकता ही इसकी शुरुआती पहचान में सबसे अहम भूमिका निभाती है।
माता-पिता के लिए सलाह:
यदि बच्चे की आँखों में कोई भी असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो किसी घरेलू उपाय या इंतजार के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत किसी योग्य नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) या बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) से संपर्क करें और पेशेवर सलाह लें।
