इटली के स्कूलों में बड़ा फैसला: जॉर्डिया मेलोनी सरकार ने विदेशी छात्रों की सीमा और बुर्का-नकाब पर लगाई रोक
इटली के स्कूलों में बड़ा फैसला: जॉर्डिया मेलोनी सरकार ने विदेशी छात्रों की सीमा और बुर्का-नकाब पर लगाई रोक
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्डिया मेलोनी ने देश के स्कूलों को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। सरकार ने कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या तय करने और स्कूलों में बुर्का व नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मेलोनी का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि सभी छात्रों को समान अवसर देना और उन्हें आपस में घुलने-मिलने में मदद करना है।
नए नियमों के मुख्य बिंदु:
भाषा की सीमा: कक्षाओं में ऐसे छात्रों की संख्या अधिकतम 30 प्रतिशत तक तय की गई है जिन्हें इतालवी भाषा ठीक से नहीं आती है। साथ ही, इन छात्रों को भाषा सीखने में विशेष मदद दी जाएगी।
बुर्का और नकाब पर रोक: स्कूलों के भीतर पूरा चेहरा ढकने वाले परिधानों (जैसे बुर्का और नकाब) पहनने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, हिजाब, जिसमें चेहरा खुला रहता है, इस प्रतिबंध के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है।
समान अवसर: सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से ऐसी अलग-थलग कक्षाओं के निर्माण से बचा जा सकेगा जहां किसी एक समुदाय के छात्रों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो।
संसदीय मंजूरी का इंतजार
चेहरे को ढकने पर प्रतिबंध इटली में पूरी तरह नया विषय नहीं है, क्योंकि वहां 1975 से सार्वजनिक स्थानों पर पहचान छिपाने वाले कपड़ों और हेलमेट को लेकर कानून मौजूद है। हालांकि, स्कूलों को लेकर लाया गया यह नया प्रस्ताव अब कानून बनने के लिए संसद की मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरेगा।
