अयोध्या में दीपोत्सव 2026: परंपरा, तकनीक और वैश्विक भागीदारी का अद्भुत संगम, 30 लाख दीपों और 2,100 ड्रोन्स से जगमगाएगी रामनगरी
अयोध्या में दीपोत्सव 2026: परंपरा, तकनीक और वैश्विक भागीदारी का अद्भुत संगम, 30 लाख दीपों और 2,100 ड्रोन्स से जगमगाएगी रामनगरी
अयोध्या में आगामी दीपोत्सव 2026 इस बार परंपरा, आधुनिक तकनीक और वैश्विक भागीदारी के अनूठे रंगों में सजा नजर आएगा। रामनगरी में करीब 30 लाख दीपों की रोशनी और आसमान में 2,100 ड्रोन्स का भव्य शो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात के साथ उच्च-स्तरीय बैठक कर दीपोत्सव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दीपोत्सव 2026 की प्रमुख विशेषताएं और आकर्षण
भव्य ड्रोन शो: दीपोत्सव के मुख्य दिन के अलावा दो दिन बाद होने वाले ‘जमघट’ पर भी 2,100 ड्रोन्स का शो आयोजित करने का प्रस्ताव है, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को इसे दोबारा देखने का अवसर मिल सके।
रामायण आधारित सजावट और द्वार: अयोध्या की सड़कों और सरयू तट को रामायण थीम पर सजाया जाएगा। धर्मपथ पर 10 प्रवेश द्वार तथा अयोध्या आने वाले प्रमुख मार्गों (सुलतानपुर और रायबरेली मार्ग सहित) पर 3 अन्य रामायण द्वार बनाए जाएंगे।
स्थाई इंस्टॉलेशन और सेल्फी प्वाइंट: सरयू नदी में पुष्पक विमान का स्थायी इंस्टॉलेशन लगाया जाएगा। साथ ही, रामायण के विभिन्न कांडों पर आधारित सड़क किनारे इंस्टॉलेशन लगाए जाएंगे, जिन पर बच्चों की आसानी के लिए सरल भाषा में कथा का सार भी अंकित होगा।
वैश्विक स्तर पर आमंत्रण: अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों को तथा 30 से अधिक देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को दीपोत्सव में आमंत्रित किया जाएगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम: दीपोत्सव के दिन सुबह 4 बजे से भजन प्रसारण की व्यवस्था होगी। 2,100 से अधिक बटुकों द्वारा सामूहिक सरयू आरती, 240 से अधिक मंदिरों-म मठों में दीप प्रज्ज्वलन और 25 प्रमुख चौराहों को सजाया जाएगा। इसके साथ ही देश-विदेश की रामलीला मंडलियां, लोकनृत्य, झांकियां, भरत मिलाप और भगवान राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक आयोजित होगा।
तकनीक का उपयोग: स्वयंसेवकों के समन्वय, दीप प्रज्ज्वलन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की संख्या की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा ‘मायजीओवी यूपी’ (MyGov UP) के माध्यम से आम जनता से भी सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
विकास परियोजनाएं और सांस्कृतिक कार्यशालाएं
परियोजनाओं की समीक्षा: बैठक में विभिन्न विभागों की 284 विकास परियोजनाओं (कुल लागत ₹5,452.79 करोड़) की समीक्षा की गई। इसमें ₹4,130.25 करोड़ की 152 परियोजनाओं के लोकार्पण और ₹1,322.54 करोड़ की 132 परियोजनाओं के शिलान्यास का प्रस्ताव है।
विशेष कार्यशालाएं और शिविर: नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने के लिए वर्ष 2026 में विशेष आयोजन होंगे:
अयोध्या: 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला (25 कलाकार और 10 विशेषज्ञ शामिल)।
लखनऊ: राज्य ललित कला अकादमी की ओर से 18 से 22 नवंबर तक ‘लोकधारा’ पारंपरिक एवं लोक चित्रकला कला शिविर का आयोजन।
