संयुक्त राष्ट्र महासभा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन, ईरान को चेतावनी और गाजा युद्ध समाप्ति का दावा
संयुक्त राष्ट्र महासभा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन, ईरान को चेतावनी और गाजा युद्ध समाप्ति का दावा
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय सत्र के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में वैश्विक राजनीति, अमेरिकी आर्थिक वर्चस्व और कड़े सुरक्षा रुख को स्पष्ट किया। उनके भाषण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. अमेरिका की आर्थिक और सामरिक मजबूती का दावा
वैश्विक नेतृत्व: ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका तकनीक, ऊर्जा और अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में सबसे आगे है और आज पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है।
सैन्य शक्ति का उपयोग: उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सैन्य बल के प्रयोग से पीछे नहीं हटेगा।
2. गाजा संघर्ष समाप्ति का श्रेय
शांति प्रयास और बंधकों की वापसी: ट्रंप ने अपने संबोधन में गाजा युद्ध का विशेष उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनके प्रशासन द्वारा उठाए गए कूटनीतिक कदमों और यूएनजीए के इतर हुई वार्ताओं के कारण ही युद्ध समाप्त हुआ और हजारों लोगों की जान बचाई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी बचे हुए बंधकों (जीवित या मृत) को सुरक्षित वापस लाया गया, जिस पर महासभा में मौजूद प्रतिनिधियों ने सराहना की।
3. ईरान को कड़ी चेतावनी और आर्थिक अलगाव की अपील
परमाणु और आतंकवाद के मुद्दे: ईरान पर सबसे आक्रामक रुख अपनाते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि तेहरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़नी होंगी, व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद करने होंगे और आतंकवादी संगठनों को समर्थन देना तुरंत रोकना होगा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: उन्होंने वैश्विक समुदाय से आह्वान किया कि वे ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करने के अमेरिकी अभियानों का समर्थन करें। ट्रंप के अनुसार, ईरानी शासन का आक्रामक व्यवहार उसकी मजबूती का नहीं, बल्कि उसकी कमजोरी और हताश होने का परिणाम है।
