हल्द्वानी में ‘गौरव सेनानी मिलन’ समारोह में शामिल हुए सीएम धामी और नितिन नवीन: CM बोले— सैनिक कभी पूर्व नहीं होता; देहरादून में भव्य ‘सैन्य धाम’ तैयार
हल्द्वानी में ‘गौरव सेनानी मिलन’ समारोह में शामिल हुए सीएम धामी और नितिन नवीन: CM बोले— सैनिक कभी पूर्व नहीं होता; देहरादून में भव्य ‘सैन्य धाम’ तैयार
हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में प्रतिभाग किया। कुमाऊं मंडल से बड़ी संख्या में पहुंचे पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है।” उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सैनिकों के कल्याण और सम्मान के प्रति पूरी प्रतिबद्धता दोहराई।
सैन्य कल्याण के लिए ऐतिहासिक निर्णय: मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये और परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति के आवेदन की समय-सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष की गई है और सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25% की छूट दी जा रही है।
सैन्य धाम व राष्ट्रीय सुरक्षा: CM धामी ने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में निर्मित भव्य सैन्य धाम का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वन रैंक-वन पेंशन’ (OROP) लागू करने के साथ ही देश की रक्षा व्यवस्था को स्वदेशी और आत्मनिर्भर बनाया गया है।
2. रुद्रपुर में ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’: तराई के विकास में सिख समाज के योगदान को सराहा; हेमकुंड साहिब के 12.5 किमी रोपवे पर कार्य शुरू
रुद्रपुर: हल्द्वानी के पश्चात मुख्यमंत्री धामी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन रुद्रपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ में शामिल हुए। सिख समाज द्वारा सरोपा भेंट किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने पंजाबी और सिख समाज के साहस, सेवा, राष्ट्रभक्ति तथा तराई क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
सिख आस्था और अवसंरचना विकास: मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिबान का जीवन सेवा और राष्ट्रहित की प्रेरणा देता है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ चुका है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं की यात्रा सुगम होगी।
ऐतिहासिक पहल और सामाजिक समरसता: मुख्यमंत्री ने ‘वीर बाल दिवस’ की घोषणा, करतारपुर कॉरिडोर निर्माण और 1984 के पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसी केंद्र की पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ का निर्माण कराया जा रहा है और राज्य में दंगा विरोधी व धर्मांतरण रोधी सख्त कानून लागू किए गए हैं। सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, सांसद अजय भट्ट और यूपी के मंत्री बलदेव सिंह औलख सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।
