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अमेरिका-उत्तर कोरिया रिश्तों में नई हलचल, ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास 6 दिन पहले होगा खत्म

अमेरिका-उत्तर कोरिया रिश्तों में नई हलचल, ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास 6 दिन पहले होगा खत्म

सियोल। अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संभावित बातचीत की कोशिशों के बीच कोरियाई प्रायद्वीप में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ (UFS) को निर्धारित समय से छह दिन पहले खत्म करने का फैसला किया है। दक्षिण कोरिया के मुताबिक, अमेरिका के अनुरोध पर अभ्यास अब 21 अगस्त को समाप्त होगा।

यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ दोबारा बातचीत की संभावनाएं तलाश रहे हैं। ट्रंप ने हाल में अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को महंगा बताते हुए इनकी जरूरत पर सवाल उठाया था।

27 अगस्त तक चलना था अभ्यास

इस साल ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास करीब 11 दिनों के लिए निर्धारित किया गया था और इसकी शुरुआत सोमवार को हुई थी। इसे पहले 27 अगस्त तक चलना था, लेकिन अब इसे 21 अगस्त को समाप्त किया जाएगा।

अभ्यास में दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सैनिकों के साथ संयुक्त राष्ट्र कमान से जुड़े सैन्यकर्मी भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया की संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में दोनों देशों के बीच संयुक्त रक्षा क्षमता, कमान व्यवस्था और सैन्य समन्वय को मजबूत करना है।

इसके अलावा अभ्यास के कुछ मैदानी प्रशिक्षणों में भी कटौती की जाएगी।

ट्रंप की पहल के बाद बदला कार्यक्रम

सैन्य अभ्यास की अवधि घटाने का फैसला ट्रंप की उत्तर कोरिया के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिशों के बीच आया है। ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच 2018 और 2019 में ऐतिहासिक शिखर वार्ताएं हुई थीं।

हालांकि, 2019 में हनोई में हुई दूसरी बैठक उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे प्रतिबंधों को लेकर मतभेद के कारण बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी।

अब अमेरिकी प्रशासन एक बार फिर प्योंगयांग के साथ बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। ऐसे में सैन्य अभ्यास को छोटा करने के फैसले को तनाव कम करने की दिशा में एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

सियोल को पहले से नहीं थी जानकारी

इस फैसले को लेकर दक्षिण कोरिया में भी कुछ हैरानी देखी गई। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने संसद में बताया कि सियोल को अमेरिका के इस निर्णय की पहले से जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी अधिकारी भी ट्रंप की सोशल मीडिया घोषणा से पहले इस बदलाव से अवगत नहीं थे। इससे दोनों सहयोगी देशों के बीच सैन्य समन्वय और निर्णय प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

उत्तर कोरिया ने दी चेतावनी

वहीं, उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास की आलोचना की है। प्योंगयांग ने इसे आक्रामक सैन्य अभ्यास बताते हुए चेतावनी दी कि वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।

उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के तौर पर देखता रहा है। प्योंगयांग का कहना है कि इन अभ्यासों का स्वरूप वास्तविक युद्ध की तैयारी के करीब जाता जा रहा है।

अमेरिका के लिए कूटनीति और सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अभ्यास की अवधि घटाने के बावजूद अपनी संयुक्त रक्षा क्षमता और सैन्य समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया है। वहीं, उत्तर कोरिया की रूस के साथ बढ़ती सैन्य साझेदारी के बीच अभ्यास में कटौती का फैसला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सियोल के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर उसे ट्रंप की उत्तर कोरिया के साथ बातचीत की पहल का समर्थन करना है, तो दूसरी ओर अमेरिका के साथ अपने सैन्य गठबंधन और उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिरोध क्षमता की विश्वसनीयता भी बनाए रखनी है।

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