उत्तराखंड में राजस्व बढ़ाने की कवायद: मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने दिए AI और ANPR जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के निर्देश
उत्तराखंड में राजस्व बढ़ाने की कवायद: मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने दिए AI और ANPR जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के निर्देश
सीमित संसाधनों और पहाड़ी भूगोल के बीच विकास योजनाओं को रफ्तार देने के लिए उत्तराखंड सरकार अब राजस्व संग्रह के नए और गैर-पारंपरिक रास्ते तलाश रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने समीक्षा बैठक करते हुए सभी संबंधित विभागों को तकनीक आधारित नवाचारों, डेटा इंटीग्रेशन और नए स्रोतों के जरिए आय बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
1. SGST में AI से टैक्स चोरी पर नकेल
4-5 महीने में AI मैकेनिज्म: मुख्य सचिव ने राज्य कर (SGST) विभाग को अगले 4 से 5 महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित जांच व्यवस्था तैयार करने का लक्ष्य दिया है।
डेटा एनालिसिस: परंपरागत जांच के बजाय AI के जरिए आंकड़ों के विश्लेषण से कर अपवंचना (टैक्स चोरी) की संभावित गतिविधियों को समय रहते पकड़ा जाएगा।
विभागीय डेटा इंटीग्रेशन: कर से जुड़े सभी विभागों के डेटा का आपस में एकीकरण (Integration) किया जाएगा ताकि गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सके।
2. ANPR कैमरों से खनन और परिवहन पर नजर
विभागीय तालमेल: परिवहन विभाग के ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों को खनन, वन और राज्य कर विभाग के साथ जोड़ा जाएगा।
अवैध खनन पर रोक: वाहनों की आवाजाही के एकीकृत डेटा से खनन सामग्री के अवैध परिवहन, टैक्स चोरी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।
3. खनन और वन संसाधनों का बेहतर उपयोग
नए खनन लॉट: वन और गैर-वन क्षेत्रों में जिला प्रशासन की मदद से नए खनन लॉट चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्क्रिय लॉट्स का संचालन: जिन खनन और प्रकाष्ठ लॉट्स पर वन निगम काम नहीं कर पा रहा है, उन पर वन विभाग को स्वयं कार्रवाई कर संसाधनों को सक्रिय करने को कहा गया है।
4. गैर-पारंपरिक और हरित राजस्व स्रोत
जड़ी-बूटी क्षेत्र का अध्ययन: राज्य में उपलब्ध समृद्ध वनस्पति व जड़ी-बूटी संपदा से होने वाली संभावित आय के लिए बाकायदा वैज्ञानिक अध्ययन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्बन क्रेडिट व इको-टूरिज्म: उत्तराखंड के बड़े वन क्षेत्र का लाभ उठाते हुए कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) से आय जुटाने और नए इको-टूरिज्म स्थलों को विकसित कर राजस्व बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
