Thursday, July 30, 2026
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उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर गर्माई सियासत: 19 लाख मतदाताओं को नोटिस, कांग्रेस ने बताया ‘बंगाल मॉडल’, भाजपा बोली- सामान्य प्रक्रिया

उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर गर्माई सियासत: 19 लाख मतदाताओं को नोटिस, कांग्रेस ने बताया ‘बंगाल मॉडल’, भाजपा बोली- सामान्य प्रक्रिया

​देहरादून:

उत्तराखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण के समापन के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल कुल 71.33 लाख मतदाताओं में से करीब 27 प्रतिशत यानी 19,04,380 मतदाताओं की जानकारी में विसंगतियां (त्रुटियां) पाई गई हैं। निर्वाचन आयोग अब इन सभी 19 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजकर जवाब मांग रहा है, ताकि विवरणों को दुरुस्त किया जा सके।

​क्यों भेजे जा रहे हैं नोटिस? (त्रुटियों के मुख्य 8 कारण)

​मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, नोटिस जारी करने के पीछे मुख्यतः निम्नलिखित 8 विसंगतियां हैं:

​मतदाता और माता-पिता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष से कम होना।

​मतदाता और माता-पिता के बीच आयु का अंतर 50 वर्ष से अधिक होना।

​दादा-दादी/नाना-नानी और मतदाता के बीच आयु का अंतर 40 वर्ष से कम होना।

​दो सगे भाई-बहनों के बीच आयु का अंतर 9 महीने से कम दर्शाया जाना।

​एक ही मतदाता के साथ प्रोजेनी के रूप में 6 से अधिक नाम जुड़े होना।

​संबंधी के नाम में स्पेलिंग/विवरण की त्रुटि।

​मतदाता के स्वयं के नाम में त्रुटि।

​पिछली एसआईआर सूची में अनमैप्ड होना।

​जिलों के अनुसार विसंगतियों के आंकड़े:

​देहरादून: 11,90,805 में से 3,95,868 (33%) फॉर्म में त्रुटि।

​हरिद्वार: 12,46,219 में से 3,90,312 (31%) फॉर्म में त्रुटि।

​उधम सिंह नगर: 11,55,672 में से 3,36,164 (29%) फॉर्म में त्रुटि।

​नैनीताल: 6,93,325 में से 1,88,054 (27%) फॉर्म में त्रुटि।

​उत्तरकाशी: 2,24,417 में से 55,976 (25%) फॉर्म में त्रुटि।

​पौड़ी गढ़वाल: 5,03,468 में से 1,05,945 (21%) फॉर्म में त्रुटि।

​टिहरी गढ़वाल: 4,63,628 में से 1,04,402 (23%) फॉर्म में त्रुटि।

​अल्मोड़ा: 4,71,938 में से 77,566 (16%) फॉर्म में त्रुटि।

​पिथौरागढ़: 3,41,497 में से 70,065 (21%) फॉर्म में त्रुटि।

​चमोली: 2,72,187 में से 52,246 (19%) फॉर्म में त्रुटि।

​चम्पावत: 1,88,924 में से 44,315 (23%) फॉर्म में त्रुटि।

​रुद्रप्रयाग: 1,80,786 में से 42,469 (23%) फॉर्म में त्रुटि।

​बागेश्वर: 2,00,919 में से 40,998 (20%) फॉर्म में त्रुटि।

​मतदाताओं की सुविधा के लिए क्लस्टर और कैंप

​नोटिस की सुनवाई और त्रुटियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगाए जाएंगे। मैदानी क्षेत्रों के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसीलों के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।

​सियासत तेज: कांग्रेस बनाम भाजपा

​कांग्रेस का आरोप: प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार लीगल नोटिस का डर दिखाकर 19 लाख मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल जैसा मॉडल बताते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देशानुसार कांग्रेस कार्यकर्ता हर एक वोट के अधिकार की रक्षा करेंगे।

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सफाई: सीएम धामी ने कहा कि यह मतदाता सूची के शुद्धिकरण की एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है। जिन लोगों के गलत वोट बन गए हैं, जो दिवंगत हो चुके हैं, या जो अन्यत्र बस गए हैं, वे नियमानुसार सूची से बाहर होंगे।

​मान्य दस्तावेजों की सूची

​गलतियां सुधारने और पात्रता सिद्ध करने के लिए आयोग ने पहचान पत्र/पेंशन आदेश, 1 जुलाई 1987 से पहले के दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, बोर्ड अंकपत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, जाति प्रमाण पत्र तथा भूमि आवंटन प्रमाण पत्र आदि को मान्य माना है।

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