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ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला: वामपंथी आतंकवाद का समर्थन करने वाले विदेशी नागरिकों पर लगेगा वीजा प्रतिबंध

ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला: वामपंथी आतंकवाद का समर्थन करने वाले विदेशी नागरिकों पर लगेगा वीजा प्रतिबंध

​वाशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने अपनी आव्रजन नीति (Immigration Policy) को और कड़ा करते हुए एक नई वीजा प्रतिबंध नीति की घोषणा की है। इसके तहत उन विदेशी नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी, जिन पर वामपंथी आतंकवादी संगठनों या उनसे जुड़े समूहों का समर्थन करने, उन्हें उकसाने, वित्तपोषण (Funding) करने, भर्ती करने या लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने का आरोप है।

​यह घोषणा अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए आयोजित 60 से अधिक देशों की मंत्रीस्तरीय बैठक के दौरान की गई। यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(ए)(3)(सी) के तहत की जा रही है।

​सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाए कड़े कदम

​अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आर्थिक स्थिरता को कमजोर होने से बचाना है।

​वीजा मार्गों को बंद करना: रुबियो के अनुसार, इस नीति से उन रास्तों को बंद किया जा सकेगा, जिनका इस्तेमाल ऐसे संगठन अमेरिकी भूमि पर हिंसक गतिविधियों के समन्वय के लिए करते हैं।

​रणनीति में बदलाव: उन्होंने जोर देकर कहा कि लंबे समय से आतंकवाद-रोधी रणनीति में चरमपंथी वामपंथ से प्रेरित राजनीतिक हिंसा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था, जिसे अब सुधारा जा रहा है।

​इनामी राशि की घोषणा: अमेरिका ने पहले ही चार हिंसक कट्टर वामपंथी समूहों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है और उनकी फंडिंग रोकने वाली जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर (1 करोड़ डॉलर) तक के इनाम की घोषणा की है।

​सभी अमेरिकी एजेंसियां मिलकर करेंगी काम

​व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति ज्ञापन-7 (NSPM-7) के तहत पहली बार सभी अमेरिकी कानून प्रवर्तन (Law Enforcement) और इंटेलिजेंस एजेंसियों को इस तरह के राजनीतिक आतंकवाद को रोकने, फंड ब्लॉक करने, डीबैंक करने और मुकदमा चलाने के लिए एक साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है।

​वित्तीय नेटवर्क पर कड़ा प्रहार

​अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वित्त मंत्रालय इन वित्तीय नेटवर्कों को निशाना बनाने के लिए कड़े वित्तीय प्रतिबंधों और धन शोधन-रोधी (Anti-Money Laundering) उपायों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों के ठोस सबूतों के आधार पर की जाएगी।

​वैश्विक समन्वय पर जोर

​अमेरिकी विदेश विभाग की फैक्ट शीट के अनुसार, प्रशासन का मानना है कि अमेरिका में अन्य वैचारिक श्रेणियों की तुलना में अति-वामपंथी सरकार-विरोधी आतंकवाद से जुड़े हमलों और साजिशों की संख्या अधिक रही है। इस मंत्रीस्तरीय बैठक में शामिल देश अब खुफिया जानकारी साझा करने (Intelligence Sharing), आतंकवादियों की यात्राओं पर रोक लगाने और अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी नेटवर्क के खिलाफ सीमा-पार सहयोग को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

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