ऑस्कर 2027: एकेडमी ने बदले 99वें ऑस्कर के नियम; अब एक देश भेज सकेगा 2 फिल्में, एक्टर्स को भी मिलेंगे ‘डबल’ नॉमिनेशन
एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले 99वें ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है। शुक्रवार को जारी इन नए नियमों ने सिनेमा जगत को चौंका दिया है। इन बदलावों का सबसे बड़ा असर कलाकारों के नामांकन और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की चयन प्रक्रिया पर पड़ेगा।
ऑस्कर 2027: एकेडमी ने बदले 99वें ऑस्कर के नियम; अब एक देश भेज सकेगा 2 फिल्में, एक्टर्स को भी मिलेंगे ‘डबल’ नॉमिनेशन
लॉस एंजिल्स | मनोरंजन डेस्क
दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार ‘ऑस्कर’ के नियमों में एकेडमी ने क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और योग्य कलाकारों व फिल्म निर्माताओं को अधिक अवसर प्रदान करना है। विशेष रूप से भारत जैसे देशों के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है, जहाँ हर साल कई बेहतरीन फिल्में ऑस्कर की दौड़ में होती हैं।
1. एक्टिंग कैटेगरी: अब एक ही श्रेणी में दो नामांकन संभव
पुराने नियमों के अनुसार, यदि किसी अभिनेता के पास एक ही साल में दो बेहतरीन प्रदर्शन होते थे, तो कम वोट वाले प्रदर्शन को रेस से बाहर कर दिया जाता था। लेकिन अब:
बहु-नामांकन: अब एक्टर्स को लीड या सपोर्टिंग एक्टिंग कैटेगरी में एक से अधिक फिल्मों के लिए नामांकित होने की अनुमति होगी।
वोटिंग शर्त: नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रदर्शन को कम से कम 5 वोट हासिल करने होंगे।
लाभ: यदि कोई अभिनेता एक ही साल में दो अलग फिल्मों में शानदार भूमिका निभाता है, तो वह दोनों के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ की रेस में शामिल हो सकता है।
2. बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म: एक देश, दो फिल्में
एकेडमी ने दशकों पुराने ‘एक देश, एक फिल्म’ के नियम को खत्म कर दिया है।
दोहरी प्रविष्टि: अब कोई भी देश ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ श्रेणी के लिए दो फिल्में भेज सकता है।
पात्रता: यदि किसी फिल्म को किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में शीर्ष पुरस्कार (Top Prize) मिला है, तो वह फिल्म इस कैटेगरी में नामांकन के लिए सीधे पात्र हो सकती है।
भारतीय संदर्भ: भारत के लिए यह बड़ी जीत है, जहाँ अक्सर क्षेत्रीय और हिंदी सिनेमा के बीच ऑस्कर प्रविष्टि को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा रहती है। अब भारत दो अलग-अलग फिल्मों के साथ अपनी दावेदारी मजबूत कर सकेगा।
3. निर्देशक का सम्मान: अब देश नहीं, फिल्म निर्माता बनेगा विजेता
अब तक के नियमों के अनुसार, इंटरनेशनल फीचर फिल्म का ऑस्कर तकनीकी रूप से उस देश को दिया जाता था जिसने फिल्म भेजी थी।
नया बदलाव: अब से ऑस्कर पट्टिका (Plaque) और रिकॉर्ड बुक में विजेता के रूप में निर्देशक का नाम भी दर्ज किया जाएगा।
उदाहरण: पिछले साल की विजेता फिल्म ‘सेंटिमेंटल वैल्यू’ के मामले में आधिकारिक विजेता ‘नॉर्वे’ था, न कि निर्देशक जोआकिम ट्रायर। 2027 से यह सम्मान सीधे फिल्म निर्माता की झोली में जाएगा।
क्यों लिए गए ये बड़े फैसले?
एकेडमी का मानना है कि पुराने नियमों के कारण कई बार योग्य कलाकार और फिल्में वोटिंग की तकनीकी जटिलताओं के कारण बाहर हो जाते थे।
पारदर्शिता: नए नियमों का मकसद ऑस्कर कैंपेनिंग के दौरान होने वाली संभावित हेरा-फेरी को रोकना है।
निष्पक्षता: यह सुनिश्चित करना कि वोटों का बिखराव किसी बेहतरीन प्रदर्शन को पुरस्कार की दौड़ से बाहर न कर दे।
इन बदलावों ने 99वें ऑस्कर समारोह के प्रति वैश्विक फिल्म समुदाय में एक नया उत्साह भर दिया है। अब देखना यह होगा कि इन नियमों का लाभ उठाकर कौन सा देश और कलाकार इतिहास रचता है।
