अन्तर्राष्ट्रीय

सनसनीखेज खुलासा: जेफरी एपस्टीन का ‘सीक्रेट’ सुसाइड नोट 7 साल बाद आया सामने, ग्राफिक उपन्यास में था छिपा

सनसनीखेज खुलासा: जेफरी एपस्टीन का ‘सीक्रेट’ सुसाइड नोट 7 साल बाद आया सामने, ग्राफिक उपन्यास में था छिपा

​न्यूयॉर्क, अंतरराष्ट्रीय डेस्क: बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधों के दोषी जेफरी एपस्टीन की मौत के करीब सात साल बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जेल में आत्महत्या से पहले एपस्टीन द्वारा कथित तौर पर लिखा गया एक ‘सुसाइड नोट’ पिछले कई वर्षों से कानूनी फाइलों में सीलबंद और गोपनीय रखा गया था।

​कहाँ और कैसे मिला यह नोट?

​रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुसाइड नोट सबसे पहले एपस्टीन के सेल-मेट (कोठरी में साथ रहने वाले) निकोलस टार्टाग्लियोन को मिला था। टार्टाग्लियोन एक पूर्व पुलिस अधिकारी है, जो वर्तमान में हत्या और ड्रग तस्करी के मामलों में चार आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

​टार्टाग्लियोन ने दावा किया है कि:

​उसे यह नोट उनकी साझा कोठरी (Cell) में रखे एक ग्राफिक उपन्यास (Graphic Novel) के पन्नों के बीच मिला था।

​यह एक लीगल पैड से फाड़े गए पीले कागज के टुकड़े पर लिखा गया था।

​नोट में संक्षिप्त संदेश था— “अलविदा कहने का समय” (Time to say goodbye)।

​सात साल तक क्यों दबा रहा राज?

​हैरानी की बात यह है कि टार्टाग्लियोन ने यह नोट जेल प्रशासन को देने के बजाय अपने वकीलों को सौंप दिया था। उसके वकीलों ने नोट को प्रमाणित करने का दावा किया और इसे संघीय न्यायाधीश के पास जमा करा दिया, जिन्होंने तब से इसे ‘सीलबंद’ (Under Seal) रखा था।

​वकीलों का तर्क: टार्टाग्लियोन को डर था कि एपस्टीन उस पर हमला करने और उसे आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगा सकता है, इसलिए सबूत के तौर पर उसने इसे अपने पास सुरक्षित रखा।

​नोट को सार्वजनिक करने की बढ़ी मांग

​’न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अब टार्टाग्लियोन मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश से इस सुसाइड नोट को सार्वजनिक करने का औपचारिक अनुरोध किया है। अखबार का तर्क है कि:

​इस नोट का टार्टाग्लियोन के आपराधिक मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है।

​यह एपस्टीन की विवादास्पद मौत और उसके अंतिम दिनों की मानसिक स्थिति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

​न्याय विभाग और जांच अधिकारियों ने अभी तक इस नोट की स्वतंत्र रूप से जांच नहीं की है।

​एपस्टीन की मौत और उससे जुड़े विवाद

​अगस्त 2019 में मैनहट्टन सुधार केंद्र में एपस्टीन की मौत ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी थी।

​सुरक्षा में चूक: हाई-प्रोफाइल कैदी होने के बावजूद एपस्टीन की निगरानी में भारी चूक हुई थी।

​पहला प्रयास: मौत से कुछ दिन पहले एपस्टीन की गर्दन पर निशान मिले थे। तब उसने आरोप लगाया था कि टार्टाग्लियोन ने उस पर हमला किया है, जबकि जेल अधिकारियों ने इसे आत्महत्या का पहला प्रयास माना था।

​शक्तिशाली संबंध: एपस्टीन के संबंधों के तार दुनिया के सबसे अमीर और शक्तिशाली राजनेताओं व हस्तियों से जुड़े थे, जिसके कारण उसकी मौत को लेकर आज भी कई ‘कॉन्स्पिरेंसी थ्योरी’ (साजिश की कहानियाँ) प्रचलित हैं।

​वर्तमान में यह ‘पीला कागज’ एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों, तस्वीरों और दस्तावेजों के उस विशाल भंडार का हिस्सा बन गया है, जिसकी जांच अमेरिकी एजेंसियां अब भी कर रही हैं। यदि यह नोट सार्वजनिक होता है, तो यह एपस्टीन की मौत के रहस्य से एक और पर्दा उठा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *