जबलपुर: बरगी बांध में बड़ा हादसा, पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा; 6 की मौत, कई अब भी लापता
जबलपुर के बरगी बांध में हुए इस दुखद हादसे की खबर वाकई विचलित करने वाली है। प्राकृतिक आपदा और तकनीकी संतुलन बिगड़ने के कारण हुए इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटन सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जबलपुर: बरगी बांध में बड़ा हादसा, पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा; 6 की मौत, कई अब भी लापता
जबलपुर (मध्य प्रदेश): जबलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरगी बांध में आज एक भीषण हादसा हो गया, जहां 31 पर्यटकों से भरा एक क्रूज गहरे पानी में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 यात्रियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हैं।
हादसे का विवरण: अचानक आए तूफान ने मचाई तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, क्रूज अपनी नियमित यात्रा पर था तभी अचानक मौसम बिगड़ा और तेज तूफान शुरू हो गया। तेज हवाओं और लहरों के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते पानी में पलट गया। हादसे के वक्त क्रूज पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए पानी में कूद पड़े।
रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों की स्थिति
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए ताजा स्थिति साझा की है:
कुल सवार यात्री: 31
सुरक्षित बचाए गए: 15 यात्री (तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे)
मृतकों की संख्या: 06 (शव बरामद किए जा चुके हैं)
लापता: 10 यात्री (तलाश जारी है)
राहत एवं बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।
SDRF की तैनाती: स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मोर्चा संभाल चुकी है।
स्थानीय गोताखोर: लापता लोगों की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों और नावों की मदद ली जा रही है।
कलेक्टर की निगरानी: जबलपुर कलेक्टर स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासनिक सतर्कता
हादसे के बाद बरगी बांध के आसपास के क्षेत्र में सन्नाटा पसरा है और पर्यटकों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। प्रशासन लापता लोगों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। शुरुआती जांच में मौसम का अचानक बदलना ही मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन क्या क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे या लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, इसकी जांच होनी अभी बाकी है।
