पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने खारिज किए साइडलाइन होने के कयास, कहा- “मैं हमेशा मेन लाइन में हूं”
पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने खारिज किए साइडलाइन होने के कयास, कहा- “मैं हमेशा मेन लाइन में हूं”
उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के सक्रिय राजनीति से दूर रहने और साइडलाइन किए जाने की चर्चाएं चल रही थीं। इन अटकलों पर विराम लगाते हुए निशंक ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह से सक्रिय राजनीति में हैं और उन्हें आज तक यह समझ नहीं आया कि ‘साइडलाइन’ होना क्या होता है।
”जब तक रहना होगा, मेन लाइन में रहूंगा”
निशंक ने मीडिया से बातचीत में तीखा जवाब देते हुए कहा, “साइडलाइन क्या होता है? मुझे आज तक इसका पता नहीं चला। मैं हमेशा ही मेन लाइन में रहता हूं और जब तक मुझे रहना होगा, मैं मेन लाइन में ही रहूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी द्वारा दी जाने वाली हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते हैं और उनकी राजनीतिक पारी पर ब्रेक लगने जैसी बातें बेबुनियाद हैं।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर दिया बयान
चर्चा के दौरान रमेश पोखरियाल निशंक से अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘VIP’ को लेकर चल रही सीबीआई जांच पर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अपना नजरिया हो सकता है, लेकिन सामूहिक नजरिया ही सही होता है। चूंकि मामले की जांच सीबीआई कर रही है, इसलिए इस पर फिलहाल कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
राजनीतिक सफर एक नजर में
बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार रमेश पोखरियाल निशंक का राजनीतिक कद काफी बड़ा रहा है:
मुख्यमंत्री कार्यकाल: वे 27 जून 2009 से 10 सितंबर 2011 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा वे राज्य में स्वास्थ्य और आयुष मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
संसदीय सफर: साल 2014 और 2019 में हरिद्वार लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
केंद्रीय मंत्री: 31 मई 2019 से जुलाई 2021 तक उन्होंने केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्री के रूप में कार्य किया। उनके ही कार्यकाल के दौरान HRD मंत्रालय का नाम बदलकर ‘शिक्षा मंत्रालय’ किया गया था।

