मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव, BJP की जीत लगभग तय; किसे मिलेगा मौका?
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव, BJP की जीत लगभग तय; किसे मिलेगा मौका?
एक तरफ देश में परिसीमन बिल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं, तो दूसरी तरफ निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश की एक खाली राज्यसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया है। इस सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा और इसी दिन नतीजे भी घोषित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री रहे डॉ. एल. मुरुगन के राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देने के बाद यह सीट खाली हुई थी। मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायकों की संख्या के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी इस सीट से किसे उम्मीदवार बनाती है।
2 नवंबर से दाखिल होंगे नामांकन
निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, राज्यसभा उपचुनाव के लिए 2 नवंबर से नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 5 नवंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 12 नवंबर को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।
इस सीट का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक है। हालांकि, विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति को देखते हुए चुनाव में मुकाबला होने की संभावना कम मानी जा रही है।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
दरअसल, तमिलनाडु से आने वाले डॉ. एल. मुरुगन को भाजपा ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा था। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। हाल ही में 14 अक्टूबर को उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मध्य प्रदेश की यह सीट खाली हो गई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में भाजपा के 164 विधायक
मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 65 विधायक हैं। इसके अलावा भारतीय आदिवासी पार्टी का एक विधायक है। इस संख्या बल के आधार पर भाजपा की जीत की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।
ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार उतारती है या नहीं, इस पर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। हालांकि, उम्मीदवारों को लेकर अंतिम तस्वीर पार्टियों के फैसले के बाद ही साफ होगी।
स्थानीय नेता या बाहरी चेहरे पर दांव लगाएगी भाजपा?
इस उपचुनाव में सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा खाली हुई राज्यसभा सीट पर किसे मौका देगी। पिछली बार पार्टी ने तमिलनाडु से आने वाले एल. मुरुगन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा था। ऐसे में इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किसी स्थानीय नेता पर भरोसा जताती है या फिर किसी दूसरे राज्य के नेता को उम्मीदवार बनाती है।
इसके साथ ही केंद्र में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में राज्यसभा की यह एक सीट राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। अब सबकी नजरें भाजपा के उम्मीदवार चयन पर टिकी हैं।

