Thursday, October 22, 2026
उत्तराखंड

धामी का कांग्रेस पर हमला, ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ का ऐलान; रेखा आर्या-साहू विवाद पर बोले- जांच के बाद ही तय होगा दोषी कौन

धामी का कांग्रेस पर हमला, ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ का ऐलान; रेखा आर्या-साहू विवाद पर बोले- जांच के बाद ही तय होगा दोषी कौन

31 अक्टूबर को श्रीनगर और 2 नवंबर को देहरादून में भाजपा निकालेगी पदयात्रा, मंत्री रेखा आर्या और उनके पति के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच की मांग की

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए उसके जवाब में भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की। वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार ही दोष तय होना चाहिए।

कांग्रेस की न्याय यात्रा पर धामी का पलटवार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस ने देश में करीब 60 साल तक शासन किया है, लेकिन आज वही पार्टी जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि इसी चुनाव आयोग के तहत हुए चुनावों में कांग्रेस को जीत भी मिली है।

धामी ने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को स्वीकार करना और हार मिलने पर उन पर सवाल उठाना उचित रवैया नहीं है। उन्होंने विपक्ष से अपनी राजनीतिक भूमिका और रवैये पर विचार करने की बात कही।

कांग्रेस की न्याय यात्रा पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल यात्राएं निकालने और नारे लगाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उनके हित में काम करना जरूरी है।

भाजपा निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’

कांग्रेस की न्याय यात्रा के जवाब में मुख्यमंत्री ने भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ निकालने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी और जनता के बीच कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा अपना पक्ष रखेगी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, 31 अक्टूबर को श्रीनगर और 2 नवंबर को देहरादून में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा ऊधम सिंह नगर में भी यात्रा आयोजित की जाएगी, हालांकि वहां की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दल यात्राओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं।

रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के विवाद पर क्या बोले धामी?

प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद पर भी सवाल किया गया। दोनों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए गंभीर आरोपों के संबंध में धामी ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि दोनों करीब 22 वर्षों तक साथ रहे, तो इतने लंबे समय बाद आरोप सामने आने की परिस्थितियों को भी समझना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोप लगाए जाने भर से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भी जांच पर जोर

मामले से जुड़े कथित ऑडियो और सोशल मीडिया पर सामने आए बयानों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी बातचीत में किसी व्यक्ति का नाम आ जाना अपने आप में उसकी संलिप्तता साबित नहीं करता। ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता, संदर्भ और उसमें कही गई बातों की जांच जरूरी है।

उर्मिला और सुरेश राठौर से जुड़े वायरल ऑडियो को लेकर पूछे गए सवालों के बीच भी मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित रिकॉर्डिंग की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में बिना पर्याप्त सबूत किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

धामी ने कहा कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और यदि कोई दोषी है तो वह कानून से बच न सके। उन्होंने कहा कि मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होना चाहिए।

क्या है रेखा आर्या और उनके पति के बीच विवाद?

मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने हाल ही में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। रेखा आर्या ने अपने पति पर घरेलू हिंसा और मारपीट सहित कई गंभीर आरोप लगाए।

इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो जारी कर अपनी पत्नी पर करीब 200 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। ये आरोप उनके अपने बयान हैं; इनकी सत्यता जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने इस पूरे विवाद पर आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही है।

 

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