Thursday, October 22, 2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में चुनावी तैयारियां तेज, 23 अक्टूबर से EVM-VVPAT की जांच; 4 जनवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

उत्तराखंड में चुनावी तैयारियां तेज, 23 अक्टूबर से EVM-VVPAT की जांच; 4 जनवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

SSR-2027 का कार्यक्रम घोषित, 12 नवंबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू; 18 साल पूरे करने वाले युवाओं को वोटर बनने का मिलेगा मौका

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जांच की तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान (SSR-2027) और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की प्रक्रिया और कार्यक्रम की जानकारी दी गई।

23 अक्टूबर से EVM-VVPAT की जांच

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 23 अक्टूबर से उत्तराखंड के सभी जिलों में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच शुरू होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। वे अपनी मौजूदगी में मशीनों की तकनीकी जांच और उनकी कार्यप्रणाली का जायजा ले सकेंगे।

12 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान

बैठक में SSR-2027 के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्यक्रम भी साझा किया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी। इसके बाद मतदाता अपने नाम जुड़वाने, विवरण में संशोधन कराने या सूची से संबंधित आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्धारित समयसीमा में आवेदन कर सकेंगे।

मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रमुख तारीखें:

12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।

12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।

28 दिसंबर 2026: दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख।

4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

18 साल पूरे करने वाले युवाओं को मिलेगा मौका

निर्वाचन आयोग के अनुसार, जो युवा 1 जनवरी 2027 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए पात्र होंगे।

इससे पहले 12 से 20 अक्टूबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नए मतदाताओं के फॉर्म-6 के कुल 1,00,744 आवेदन प्राप्त हुए। आयोग के मुताबिक, इन आवेदनों के जरिए पात्र युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

फॉर्म-7 जमा करने की सीमा तय

मतदाता सूची से नाम हटाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। निर्धारित व्यवस्था के तहत दावे और आपत्तियों की अवधि में कोई व्यक्ति अधिकतम 10 फॉर्म-7 जमा कर सकेगा। वहीं, मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन की अवधि में एक व्यक्ति प्रति माह अधिकतम 5 फॉर्म-7 ही जमा कर पाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य फॉर्म-7 के दुरुपयोग को रोकना और मतदाता सूची से जुड़े दावों व आपत्तियों की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखना है।

उत्तराखंड में 71.58 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता

बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, प्री-SIR और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद उत्तराखंड की मतदाता सूची से 13.95 लाख ऐसे नाम हटाए गए, जिन्हें फर्जी, स्थानांतरित या मृत मतदाताओं की श्रेणी में पाया गया। इसी दौरान 1.29 लाख नए मतदाता जोड़े गए।

3 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 71,58,949 यानी करीब 71.59 लाख है।

आगामी पुनरीक्षण अभियान के जरिए मतदाता सूची को अपडेट करने के साथ पात्र नए मतदाताओं को जोड़ने और सूची में दर्ज विवरणों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

 

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