आइची-नागोया पैरा एशियन गेम्स 2026: डिस्कस थ्रो में प्रणव सूरमा ने रचा इतिहास, जीता स्वर्ण पदक; राम रतन सिंह को मिला रजत पदक
आइची-नागोया पैरा एशियन गेम्स 2026: डिस्कस थ्रो में प्रणव सूरमा ने रचा इतिहास, जीता स्वर्ण पदक; राम रतन सिंह को मिला रजत पदक
नागोया (जापान):
जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारतीय एथलीटों ने मैदान पर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हुए एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। पुरुषों के डिस्कस थ्रो (F51/52/53) इवेंट में भारत के पैरा-एथलीटों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पोडियम के पहले और दूसरे, दोनों स्थानों पर कब्जा जमाया।
प्रणव सूरमा का रिकॉर्ड-तोड़ स्वर्ण पदक
भारत के स्टार एथलीट प्रणव सूरमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11.66 मीटर की दूरी तक डिस्कस फेंका और एक नया एशियन रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया।
थ्रो का सफर: प्रणव ने प्रतियोगिता की शुरुआत 10.79 मीटर के थ्रो के साथ की थी। हालांकि उनका दूसरा प्रयास फाउल रहा, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने सुधार करते हुए 11.35 मीटर और चौथे प्रयास में 11.66 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर यह रिकॉर्ड कायम किया।
उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए 932 ‘रजा प्वाइंट्स’ (Raza Points) मिले, जिसके दम पर उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया।
शानदार करियर: प्रणव इससे पहले पिछले एशियन पैरा गेम्स के F51 क्लब थ्रो इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और उन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक में भी इसी इवेंट में रजत पदक अपने नाम किया था।
राम रतन सिंह ने जीता रजत पदक
इस स्पर्धा में भारत के ही राम रतन सिंह ने भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए रजत पदक (Silver Medal) पर कब्जा जमाया।
प्रदर्शन: राम रतन ने 10.35 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर यह सफलता हासिल की, जिसके लिए उन्हें 809 रजा अंक मिले।
शुरुआती कुछ प्रयासों में फाउल और उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपने दूसरे प्रयास (10.35 मीटर) के दम पर पोडियम पर दूसरा स्थान सुरक्षित किया।
इस स्पर्धा में ईरान के अलीरेजा हेमामी ने F53 कैटेगरी में 20.20 मीटर का थ्रो कर तीसरा स्थान हासिल किया।
भारत के लिए यादगार डबल पोडियम फिनिश
एक ही इवेंट में देश के दो खिलाड़ियों (प्रणव सूरमा और राम रतन सिंह) द्वारा स्वर्ण और रजत पदक जीतना भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के बढ़ते स्तर और मजबूत तैयारियों को दर्शाता है।
इससे पहले मंगलवार को ही तैराक हिमांशु नंदल ने भी 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश के पदकों के सिलसिले को और आगे बढ़ाया था।

