उत्तराखंड में विजयादशमी का उल्लास: देहरादून से लेकर खटीमा तक रावण दहन की धूम, मुस्लिम कारीगरों की मेहनत ने पेश की सामाजिक सौहार्द की मिसाल
उत्तराखंड में विजयादशमी का उल्लास: देहरादून से लेकर खटीमा तक रावण दहन की धूम, मुस्लिम कारीगरों की मेहनत ने पेश की सामाजिक सौहार्द की मिसाल
देहरादून / रुड़की / रुद्रपुर:
बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पर्व विजयादशमी (दशहरा) पर उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस पावन अवसर पर राज्यभर में विशालकाय रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इस वर्ष देहरादून में प्रदेश का सबसे ऊंचा 181 फीट का रावण आकर्षण का केंद्र रहेगा, वहीं रुड़की और रुद्रपुर में भी भव्य आयोजनों की तैयारियां की गई हैं।
1. देहरादून: परेड ग्राउंड में सजेगा 181 फीट ऊंचा रावण
राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में इस बार बेहद भव्य और आकर्षक आयोजन किया जा रहा है:
विशालकाय पुतले: बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी की ओर से यहां 181 फीट ऊंचा रावण, तथा 70-70 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले तैयार किए गए हैं। साथ ही लंका का भव्य रूप भी आकर्षण का केंद्र है।
लागत: इस पूरे आयोजन और निर्माण कार्य पर करीब 21 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
2. रुड़की और रुद्रपुर: गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल
रुड़की और रुद्रपुर के दशहरा उत्सव की सबसे खास बात यह है कि यहां रावण के विशाल पुतले तैयार करने वाले कारीगर मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो साम्प्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की एक बेहतरीन तस्वीर पेश करते हैं:
रुड़की (नेहरू स्टेडियम): यहां 70 फीट ऊंचा रावण, 55 फीट का कुंभकर्ण और 45 फीट का मेघनाथ का पुतला जलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के पुरकाजी कस्बे से आए कारीगर तनवीर और उनका परिवार पिछले 20-25 वर्षों से यह काम कर रहा है। हालांकि, कारीगरों ने बढ़ती महंगाई के बीच मेहनताने में उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी न होने की चिंता भी जाहिर की है, लेकिन वे पारिवारिक परंपरा और रोजी-रोटी के इस हुनर को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
रुद्रपुर (राम पार्क): रुद्रपुर में 70 फीट का रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाथ तैयार किया गया है। रामपुर का एक मुस्लिम परिवार वर्ष 1957 से यानी कई पीढ़ियों से यहां पुतले बनाने की इस परंपरा को आगे निभाता आ रहा है।
3. लक्सर और खटीमा में भी उत्साह का माहौल
लक्सर: सनातन धर्म सभा रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला मैदान में 51-51 फीट ऊंचे रावण और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए गए हैं। कमेटी अपनी 89वीं रामलीला का आयोजन कर रही है, जहां मथुरा-वृंदावन के कलाकारों द्वारा मंचन किया जा रहा है। शाम 7 बजे राम-रावण युद्ध के बाद पुतलन दहन होगा।
खटीमा: सीमांत नगरी खटीमा में सनातन श्री रामलीला पात्र परिषद की ओर से पिछले 64 वर्षों से मेला आयोजित किया जा रहा है। यहां 40 से 45 फीट ऊंचे रावण और मेघनाथ के पुतले बनाए गए हैं, जिनका शाम 6:05 मिनट पर दहन किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं।

