चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शनों पर विदेशों में आक्रोश: 27 देशों के 400 से अधिक छात्रों और पूर्व छात्रों ने ‘भारत को अराजकता से बचाएं’ बयान जारी किया
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शनों पर विदेशों में आक्रोश: 27 देशों के 400 से अधिक छात्रों और पूर्व छात्रों ने ‘भारत को अराजकता से बचाएं’ बयान जारी किया
नई दिल्ली / लंदन:
भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की वैश्विक स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है। विदेशों में पढ़ाई कर रहे और शोध से जुड़े 400 से अधिक भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं और पूर्व छात्रों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इन प्रदर्शनों की निंदा की है। ये सभी लगभग 27 देशों के प्रमुख विश्वविद्यालयों से जुड़े हुए हैं।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के सवाल उठाना संस्थाओं में जनता के विश्वास को कमजोर करने का एक प्रयास है।
’भारत को अराजकता से बचाएं’ (Spare India From Anarchy) शीर्षक से साझा बयान
’Spare India From Anarchy’ शीर्षक से जारी इस संयुक्त बयान में हस्ताक्षर करने वाले छात्रों और विचारकों ने विपक्षी विरोध प्रदर्शनों को “अराजकता फैलाने वाला” करार दिया है।
चेतावनी: बयान में स्पष्ट कहा गया है कि “संवैधानिक लोकतंत्र की रक्षा करने के बहाने लोकतांत्रिक संस्थाओं की वैधता को ही कमजोर करने का काम नहीं किया जाना चाहिए।”
संवैधानिक मर्यादा: हस्ताक्षरकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक सुधारों की बात करना एक विषय है, लेकिन संवैधानिक निकायों की निष्पक्षता पर इस प्रकार राजनीतिक हमला बोलना देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुँचाता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनावों में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं और देश-विदेश में प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
लंदन प्रदर्शन पर बीजेपी यूके के संयोजक का बड़ा हमला: “आईएसआई और भारत-विरोधी तत्वों की मौजूदगी”
लंदन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन पर ओबीसी बीजेपी यूके के संयोजक बिक्रम बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
प्रदर्शन पर उठाए सवाल: बिक्रम बनर्जी ने कहा, “मैंने जो दृश्य देखा, वह काफी परेशान करने वाला था। मुझे इस बात की तसल्ली है कि तथाकथित सीजेपी (CJP), कांग्रेस, वामपंथी और नक्सली इकोसिस्टम अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है।”
गंभीर आरोप: बनर्जी ने दावा किया कि यूट्यूबर ध्रुव राठी और अन्य समूहों के विरोध प्रदर्शनों में पाकिस्तान तथा आईएसआई (ISI) से जुड़े तत्वों की मौजूदगी देखी गई। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से देश-विरोधी शक्तियों द्वारा संचालित था।
युवाओं की अनुपस्थिति: उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शन में भारतीय युवा पीढ़ी का कोई प्रतिनिधित्व नहीं था। वहाँ केवल कांग्रेस के 8-10 प्रतिनिधि, एसएफआई (SFI) के कुछ वामपंथी कार्यकर्ता और भारत-विरोधी समूहों से जुड़े लोग ही मौजूद थे।

