जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने थामा कांग्रेस का हाथ, भाजपा में अपमान का लगाया था आरोप
जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने थामा कांग्रेस का हाथ, भाजपा में अपमान का लगाया था आरोप
बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। सोमवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और चकराता से कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह भी मौजूद रहे।
रामशरण नौटियाल ने कुछ दिन पहले ही भाजपा से इस्तीफा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी में उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल रहा था और कई बार सार्वजनिक मंचों पर अपमान का सामना करना पड़ा। उनके कांग्रेस में शामिल होने को उत्तराखंड की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
12 साल भाजपा में रहने के बाद छोड़ी पार्टी
रामशरण नौटियाल पिछले कुछ समय से भाजपा से नाराज चल रहे थे। पिछले महीने उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई थी। उन्होंने बताया था कि अपना इस्तीफा सीधे सौंपने के बजाय उन्होंने स्टेनोग्राफर के माध्यम से भिजवाया था।
भाजपा छोड़ने की वजह पूछे जाने पर नौटियाल ने कहा कि जिस संगठन में किसी व्यक्ति ने 12 साल काम किया हो, उसे छोड़ना आसान नहीं होता। हालांकि, उन्होंने सम्मान को किसी भी संगठन में बने रहने के लिए जरूरी बताया।
उन्होंने कहा, “व्यक्ति जहां भी काम करता है, वहां उसे सम्मान मिलना चाहिए। अगर सम्मान नहीं मिलता, तो वह दूरी बना लेता है।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से नाराजगी की चर्चा
रामशरण नौटियाल ने पहले कहा था कि उनके भाजपा छोड़ने की पूरी वजह प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से पूछी जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत सम्मान और शिष्टाचार के साथ पेश आना जरूरी है।
नौटियाल ने कहा कि यदि कोई पार्टी केवल दो-तीन लोगों के इशारे पर चलती है, तो शिकायतें भी उन्हीं लोगों से होती हैं, जो नेतृत्व की भूमिका में हैं। उनके बयानों से भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के साथ उनकी नाराजगी सामने आई थी।
‘सार्वजनिक मंचों पर अपमानित होना पड़ा’
रामशरण नौटियाल ने आरोप लगाया था कि उन्हें सार्वजनिक मंचों पर अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने अपने व्यक्तिगत हितों के लिए कुछ नहीं मांगा, तो उन्हें इस तरह का व्यवहार क्यों सहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमने अपने लिए सरकार से कभी कुछ नहीं मांगा। मैं अपने क्षेत्र के लिए मांगें उठाता रहा। कुछ पूरी हुईं और कुछ नहीं, लेकिन मेरे अपने ही लोग हर बात का विरोध करते हैं।”
कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब रामशरण नौटियाल की नई राजनीतिक पारी शुरू हो गई है। उनके भाजपा छोड़ने के पीछे बताए गए कारणों और कांग्रेस में शामिल होने के घटनाक्रम पर उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।

