रूस-यूक्रेन युद्ध: ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम के दावों के बीच रूस के ताबड़तोड़ हमले जारी, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका से की सख्त कार्रवाई की मांग
रूस-यूक्रेन युद्ध: ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम के दावों के बीच रूस के ताबड़तोड़ हमले जारी, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका से की सख्त कार्रवाई की मांग
कीव:
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा के बावजूद रूस जानबूझकर यूक्रेन के पावर ग्रिड, ऊर्जा संयंत्रों, तेल-गैस क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों को लगातार निशाना बना रहा है। शनिवार रात हुए भीषण हमलों में दो नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि दो बच्चों समेत 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
युद्धविराम के दावों के बीच 76 बार ऊर्जा ठिकानों पर हमले
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट कर रूस के हमलों की जानकारी दी। उन्होंने लिखा:
”अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से एक हफ्ते पहले ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा किए जाने के बाद से, रूस ने जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्रों पर 76 बार हमले किए हैं। बीती रात ही विन्नित्सिया, जाइटॉमिर, खमेलनित्सकी और ओडेसा क्षेत्रों के सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया।”
इन हमलों के कारण हजारों परिवार बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग और मरम्मत दल (Repair Teams) चौबीसों घंटे काम करके बिजली आपूर्ति बहाल करने की जुगत में जुटे हैं। इसके अलावा, रविवार सुबह वोलिन क्षेत्र में एक कृषि उद्यम को भी हवाई हमले में निशाना बनाया गया।
एक हफ्ते में हजारों ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साझा किया कि पिछले एक सप्ताह के भीतर रूसी सेना ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं:
लगभग 2,700 हमलावर ड्रोन (UAVs)
1,700 निर्देशित हवाई बम
66 मिसाइलें (जिनमें अधिकांश बैलिस्टिक मिसाइलें थीं)
इन हमलों का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन की बिजली आपूर्ति को पूरी तरह ठप करना और देश के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करना है।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़े रुख की अपील
रूस के रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए जेलेंस्की ने अमेरिका और पश्चिमी देशों से अपील की है कि वे जमीनी हकीकत को समझें। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह देखना चाहिए कि प्रतिबंधों में ढील या समझौतों के जवाब में रूस की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसके उलट, रूस हर उस आर्थिक लाभ या राहत को अपनी युद्ध रणनीति की सफलता के रूप में देखता है।
राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि युद्ध इसलिए नहीं खिंच रहा कि यूक्रेन अपनी रक्षा कर रहा है, बल्कि इसलिए जारी है क्योंकि रूस शांति के पक्ष में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थायी शांति का रास्ता केवल रूस पर कड़ा दबाव बनाकर ही निकाला जा सकता है।

