स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री जहाजों पर हमलों में भारी इजाफा: सीगल ट्रेड रूट पर तनाव गहराया, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराया संकट
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री जहाजों पर हमलों में भारी इजाफा: सीगल ट्रेड रूट पर तनाव गहराया, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराया संकट
दुबई / वाशिंगटन:
दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) और उसके आसपास समुद्री जहाजों पर हमलों की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, रविवार सुबह यमन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तट के पास दो और जहाजों को निशाना बनाया गया। इन लगातार हमलों और बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा संकट मंडराने लगा है।
एक सप्ताह में 14 जहाजों पर हमले, समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आए जहाज
हमलों में रिकॉर्ड वृद्धि: UKMTO के आंकड़ों के मुताबिक, 8 से 14 अक्टूबर के बीच महज एक सप्ताह के भीतर करीब 14 जहाजों पर हमले दर्ज किए गए हैं। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने के बाद से एक सप्ताह में जहाजों पर हमलों की यह सबसे बड़ी संख्या है। केवल 11 अक्टूबर को एक ही दिन में कम से कम छह जहाजों को निशाना बनाया गया था।
समुद्री बारूदी सुरंगें: इससे पहले शनिवार को ईरानी सुरक्षा बलों ने तीन जहाजों में आग लगने की सूचना दी थी, जिनमें से दो जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के भीतर या उसके आसपास समुद्री बारूदी सुरंगों (Sea Mines) की चपेट में आ गए थे।
1 मार्च से अब तक 149 घटनाएं: इन ताजा मामलों के साथ ही 1 मार्च से अब तक दर्ज समुद्री सुरक्षा संबंधी घटनाओं की कुल संख्या बढ़कर 149 हो गई है।
जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट और अमेरिकी नाकेबंदी
सुरक्षा के बढ़ते खतरों के कारण इस सामरिक मार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है:
यातायात में कमी: 8 से 14 अक्टूबर के दौरान होर्मुज स्ट्रेट से केवल 42 जहाज गुजरे, जबकि इसके पिछले सप्ताह यह संख्या 60 थी। इस मार्ग से गुजरने वाले अधिकांश जहाज पेट्रोलियम उत्पाद लेकर जा रहे थे।
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी: यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, नाकेबंदी दोबारा लागू किए जाने के बाद से अमेरिकी सेना अब तक करीब 138 जहाजों का मार्ग बदलवा चुकी है।
वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह मार्ग खाड़ी देशों से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के वैश्विक निर्यात की रीढ़ माना जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस जलमार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने या तेल टैंकरों पर हमले जारी रहने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे परिवहन लागत और वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

