अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ 16 साल पुराने आत्महत्या मामले में गैर-जमानती वारंट जारी, जानिए पूरा मामला
अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ 16 साल पुराने आत्महत्या मामले में गैर-जमानती वारंट जारी, जानिए पूरा मामला
झांसी / मुंबई:
उत्तर प्रदेश के झांसी की एक जिला अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री और मॉडल राखी सावंत के खिलाफ एक पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह मामला 16 साल पुराना है और नवंबर 2010 में प्रसारित हुए उनके चर्चित रियलिटी टीवी शो ‘राखी का इंसाफ’ से जुड़ा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
घटना (नवंबर 2010): झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले लक्ष्मण अहिरवार अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद को सुलझाने के लिए ‘राखी का इंसाफ’ शो में शामिल हुए थे।
अपमानजनक टिप्पणी का आरोप: शो के दौरान राखी सावंत द्वारा कथित तौर पर उन्हें ‘नामर्द’ कहे जाने और अपमानित किए जाने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में चले गए थे। कुछ समय बाद लक्ष्मण ने आत्महत्या कर ली थी।
शिकायत और मुकदमा: मृतक की मां सावित्री अहिरवार ने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि शो में हुए अपमान के कारण उनके बेटे ने यह कदम उठाया।
अदालत की कार्रवाई और वारंट
जिला सरकारी वकील (अपराध) मृदुल कांत श्रीवास्तव के अनुसार, फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को यह गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत द्वारा बार-बार समन भेजने और बुलाए जाने के बावजूद राखी सावंत के पेश न होने के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को तय की गई है।
राखी सावंत की प्रतिक्रिया
वारंट जारी होने के बाद राखी सावंत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा:
चैनल का अनुबंध: राखी ने सफाई देते हुए कहा कि उस शो से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं था। वे केवल एक होस्ट (मेजबान) थीं, और जो चैनल उनसे कहता था, वे वही बोलती थीं।
कानून का सम्मान: उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की ज्यादा याद नहीं है, लेकिन वे देश के कानून, झांसी पुलिस और अदालत का पूरा सम्मान करती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके सामाजिक कार्यों और रुख के कारण पुराने मामलों को हवा दी जा रही है।

