घर की रंगाई-पुताई से पहले जान लें वास्तु के ये खास नियम, किस कमरे और दिशा में कौन सा रंग है शुभ?
दिवाली 2026: घर की रंगाई-पुताई से पहले जान लें वास्तु के ये खास नियम, किस कमरे और दिशा में कौन सा रंग है शुभ?
नई दिल्ली:
दीपावली का पावन पर्व नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का दौर शुरू हो जाता है। लोग अपने आशियाने को नया और खूबसूरत रूप देने के लिए दीवारों के रंग बदलते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के हर हिस्से और दिशा के अनुसार रंगों का विशेष महत्व होता है। यदि इस दिवाली घर पेंट कराते समय वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाए, तो घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है।
कमरों के हिसाब से चुनें सही रंग
लिविंग रूम: यह घर का वह मुख्य हिस्सा है जहां परिवार के सदस्य समय बिताते हैं और मेहमानों का आना-जाना होता है। वास्तु के अनुसार यहाँ सफेद, क्रीम, हल्का भूरा और गुलाबी रंग करवाना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे कमरे में सुकून भरा माहौल बनता है।
रसोई (किचन): रसोई को घर की ऊर्जा और पोषण का केंद्र माना जाता है। यहाँ सफेद रंग करवाना सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि यह स्वच्छता और पवित्रता का प्रतीक है।
बेडरूम: आराम और सुकून की इस जगह पर बहुत गहरे रंगों के बजाय हल्के और सौम्य रंगों को प्राथमिकता देनी चाहिए। आसमानी नीला, हल्का हरा, गुलाबी और क्रीम रंग बेडरूम के लिए उपयुक्त माने जाते हैं, जो आपसी प्रेम और सामंजस्य बनाए रखते हैं।
बाथरूम: यहाँ सफेद और गुलाबी रंग का इस्तेमाल करना शुभ होता है, जिससे ताजगी और हल्कापन महसूस होता है।
दिशाओं के अनुसार रंगों का महत्व
वास्तु शास्त्र में दिशाओं के आधार पर भी रंगों का विशेष विधान है:
उत्तर दिशा: इस दिशा की दीवार पर हरा रंग करवाना शुभ माना जाता है, जो प्रकृति, विकास और कारोबार में तरक्की का प्रतीक है।
दक्षिण दिशा: यहाँ लाल रंग को शुभ माना जाता है, जो ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक है। इससे परिवार में खुशहाली और आपसी प्रेम बढ़ता है।
पूर्व दिशा: पूर्व दिशा की दीवारों पर सफेद रंग करवाना मानसिक शांति और सकारात्मकता लाता है।
पश्चिम दिशा: इस दिशा के लिए नीला रंग अच्छा माना गया है, जो स्थिरता और मन को शांति देता है।
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व): घर के इस पवित्र हिस्से में पीला या नारंगी रंग करवाना शुभ होता है। पीला रंग ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक है, जबकि नारंगी रंग उत्साह और प्रेरणा जगाता है।
(डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां लोक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित हैं। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

